Ranchi: झारखंड विधानसभा के आगामी बजट सत्र को लेकर स्पीकर Rabindranath Mahato ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विभिन्न विभागों के सचिव और संसदीय कार्य मंत्री Radhakrishna Kishore मौजूद रहे।
स्पीकर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण और अन्य कार्यवाहियों के दौरान उठने वाले सवालों का जवाब पूरी तैयारी और समयबद्ध तरीके से दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की गरिमा बनाए रखने और कार्यवाही को प्रभावी बनाने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय बेहद जरूरी है।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में स्पीकर ने कहा कि अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि बजट सत्र के दौरान आवश्यक सभी सामग्री और सूचनाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी। संसदीय कार्य मंत्री ने भी सत्र को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कार्यपालिका की भूमिका सदन की सुचारू कार्यवाही में अहम होती है, इसलिए समय पर और तथ्यात्मक जवाब सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

17 कार्यदिवस का होगा सत्र, पेपरलेस व्यवस्था की ओर कदम
Jharkhand Legislative Assembly का बजट सत्र 18 फरवरी से शुरू होकर कुल 17 कार्यदिवस का होगा। इसकी शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। 19 फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और 20 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। उसी दिन आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी पेश होने की संभावना है।
21 और 22 फरवरी को अवकाश रहेगा। 23 फरवरी को नगर निकाय चुनाव के कारण कार्यवाही प्रभावित हो सकती है, हालांकि कार्यक्रम के अनुसार अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद और मतदान प्रस्तावित है।
24 फरवरी को पेश होगा 2026-27 का बजट
24 फरवरी को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। 25 फरवरी को बजट पर सामान्य चर्चा होगी, जबकि 26 और 27 फरवरी को अनुदान मांगों पर वाद-विवाद और सरकार का उत्तर होगा।
28 फरवरी से 8 मार्च तक होली अवकाश रहेगा। इसके बाद 9 से 13 मार्च तक प्रश्नकाल के साथ बजट अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान होगा।
इस बार का बजट सत्र कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि विधानसभा पेपरलेस व्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ा रही है और तकनीक आधारित कार्यप्रणाली को अपनाने की तैयारी में है। प्रशासनिक स्तर पर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि सत्र बिना व्यवधान के संचालित हो सके।


