Ranchi: झारखंड में 23 फरवरी 2026 को नगर निकाय चुनाव होने हैं। चुनाव भले ही दलीय आधार पर नहीं हो रहे, लेकिन लगभग सभी प्रमुख दल अपने-अपने समर्थित उम्मीदवारों के जरिए मैदान में सक्रिय हैं। खासकर Ranchi Municipal Corporation के मेयर पद को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है।
इसी बीच रांची से सांसद और रक्षा राज्य मंत्री Sanjay Seth ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने के फैसले पर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav का नाम लेते हुए तंज कसा कि सरकार “आंखें बंद, डब्बा गायब” जैसे पुराने दौर की शैली में चुनाव कराना चाहती है।
किशोरगंज में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए सेठ ने कहा कि शुरुआत में सरकार निकाय चुनाव नहीं कराना चाहती थी और कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ईवीएम की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल कर धांधली की कोशिश कर सकती है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता मतदान के बाद बैलेट बॉक्स के साथ स्ट्रॉन्ग रूम तक जाएंगे और उसकी निगरानी भी करेंगे।
भाजपा समर्थित मेयर उम्मीदवार रोशनी खलखो के पक्ष में प्रचार करते हुए सेठ ने विपक्ष के इस आरोप का भी जवाब दिया कि बड़े नेता वार्ड और मेयर चुनाव में क्यों सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि वह रांची के सांसद हैं और क्षेत्र के विकास से जुड़े हैं, इसलिए चुनाव में सक्रिय रहना स्वाभाविक है।
वहीं Rashtriya Janata Dal ने लालू प्रसाद का नाम लेने पर आपत्ति जताई। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष यादव ने कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए उनके नेता का नाम ले रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा अपनी संभावित हार को भांपकर इस तरह के बयान दे रही है।
कुल मिलाकर, स्थानीय निकाय चुनाव भले ही गैर-दलीय हों, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी ने इसे पूरी तरह सियासी रंग दे दिया है। अब निगाहें मतदान और उसके बाद की प्रक्रिया पर टिकी हैं।



