Jamshedpur: जमशेदपुर के कुख्यात विक्रम शर्मा की 13 फरवरी को देहरादून में हुई हत्या के बाद जांच कई परतों में आगे बढ़ रही है। पुलिस अब उस “विभीषण” की तलाश में है, जिसने कथित तौर पर शूटरों को विक्रम की सटीक लोकेशन मुहैया कराई।
जांच में सामने आया है कि हत्या की साजिश Mango इलाके में रची गई थी। बताया जा रहा है कि विक्रम अपनी हत्या से करीब पांच दिन पहले देहरादून पहुंचा था। उसकी आवाजाही की जानकारी बहुत सीमित लोगों को ही रहती थी, फिर भी हमलावरों को उसके जिम आने-जाने के समय तक की सटीक जानकारी थी। इससे पुलिस को गिरोह के अंदर से मुखबिरी की आशंका है।
दुमका जेल में हलचल, गैंगवार का खतरा
विक्रम को गैंगस्टर Akhilesh Singh का करीबी माना जाता था। हत्या के बाद Dumka Jail में बंद अखिलेश और उसके नेटवर्क में बेचैनी बढ़ी है। आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस को संभावित गैंगवार या बदले की कार्रवाई की आशंका है, इसलिए खुफिया और तकनीकी निगरानी तेज कर दी गई है।
प्रभात पर संदेह गहरा
पुलिस जांच में मानगो निवासी प्रभात की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, विक्रम और प्रभात के बीच पुराना विवाद था। प्रभात ने अरविंद नामक व्यक्ति को शरण दी थी, जिससे विक्रम नाराज था। इसके बाद विक्रम ने कथित तौर पर प्रभात के ठेके रद्द करवाए और उसका बैचिंग प्लांट बंद करा दिया, जिससे उसे आर्थिक नुकसान हुआ।
इसी रंजिश को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। फिलहाल प्रभात फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
संयुक्त जांच
देहरादून पुलिस और जमशेदपुर पुलिस लगातार संपर्क में हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए उस संदिग्ध संपर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जिससे पूरी साजिश का खुलासा हो सके।
पुलिस को उम्मीद है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड की साजिश, फंडिंग और मुखबिरी की कड़ियां स्पष्ट हो जाएंगी। फिलहाल शहर में तनावपूर्ण शांति है और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित बदले की कार्रवाई को रोकने के लिए अलर्ट मोड में हैं।



