Khunti: खूंटी नगर पंचायत चुनाव भले ही औपचारिक रूप से गैर-दलीय आधार पर हो रहा हो और अध्यक्ष सहित सभी 19 वार्डों के प्रत्याशी स्वतंत्र रूप से मैदान में हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। अध्यक्ष पद को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों की सक्रियता जिस तरह बढ़ी है, उससे साफ है कि यह चुनाव अब राजनीतिक प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है। 
भारतीय जनता पार्टी समर्थित उम्मीदवार रानी टूटी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए पार्टी के कई बड़े नेता खूंटी में सक्रिय हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, बाबू लाल मरांडी, रघुवर दास तथा चंपई सोरेन सहित कई दिग्गज नेताओं ने चुनावी माहौल को धार देने में पूरी ताकत झोंक दी है। इसके अलावा पूर्व मंत्री सह पूर्व विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, तोरपा के पूर्व विधायक कोचे मुंडा, भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद कुमार समेत जिला स्तरीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी लगातार बढ़ रही है।
इसी क्रम में आज पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी खूंटी पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा समर्थित उम्मीदवार रानी टूटी के पक्ष में जनसभा को संबोधित किया। सभा में बड़ी संख्या में भाजपा नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में बाबू लाल मरांडी ने कहा कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को हर हाल में विजयी बनाना है और इसके लिए पार्टी तन, मन और धन से पूरी ताकत लगाएगी। उन्होंने कहा कि भले ही राज्य में सरकार हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हो, लेकिन राज्य के सभी 48 शहरों में भाजपा की मजबूत पकड़ है और नगर निकायों में भाजपा की सरकार बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया पर बोलते हुए मरांडी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव ईवीएम से कराए जाते हैं, जबकि यह चुनाव बैलेट पेपर से हो रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि बैलेट पेपर से होने वाले चुनावों में गड़बड़ियों की संभावना अधिक रहती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि पहले के चुनावों में बूथ कब्जा, फर्जी मतदान और मतपेटियों की लूट जैसी घटनाएं सामने आती थीं, इसलिए इस बार पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव पार्टी आधारित होते तो मतदाताओं को चुनाव चिह्न के आधार पर मतदान करने में आसानी होती, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में प्रत्याशियों को स्वयं लोगों के बीच जाकर अपने चुनाव चिह्न की जानकारी देनी होगी। उन्होंने मतदाताओं को सही तरीके से मोहर लगाने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया और कहा कि यदि सावधानी नहीं बरती गई तो वोट रद्द होने की आशंका बनी रहेगी।
इधर, कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार मनोनीत बोदरा के पक्ष में भी पार्टी कार्यकर्ता लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। वहीं झामुमो समर्थित उम्मीदवार सोनम बागे की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी की ओर से लगातार बैठकें और सभाएं आयोजित की जा रही हैं।
कुल मिलाकर खूंटी नगर पंचायत का यह चुनाव अब स्थानीय मुद्दों से आगे बढ़कर प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में दिग्गज नेताओं की और सभाएं तथा जनसंपर्क अभियान चुनावी माहौल को और गर्माने की संभावना है।



