Bokaro: गोमिया प्रखंड में हाथी हमले से बीते दो दिनों में पांच लोगों की मौत के बाद प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इस दर्दनाक घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम का घेराव भी किया था, हालांकि प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति को शांत करा लिया गया।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन विभाग ने पश्चिम बंगाल से 19 सदस्यीय विशेष टीम को बुलाया है। प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में रात्रि गश्ती तेज कर दी गई है, वहीं ग्रामीण इलाकों में मशाल की व्यवस्था भी की गई है। लोगों को लगातार पेट्रोलिंग के जरिए घरों में ही रहने और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
वन विभाग अब आधुनिक तकनीक का भी सहारा ले रहा है। जंगल और आसपास के गांवों में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा 6 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की गई हैं, जो समय-समय पर गांवों में जाकर लोगों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी जुटा रही हैं और उन्हें सतर्क कर रही हैं।
वन विभाग के अधिकारी संदीप शिंदे ने बताया कि गोमिया क्षेत्र में करीब 42 हाथियों का एक बड़ा दल विचरण कर रहा था, जो अब अलग-अलग छोटे झुंडों में बंट गया है। इनमें से पांच हाथियों का एक झुंड इस इलाके में लगातार घूम रहा है और इसी झुंड द्वारा लोगों पर हमला किए जाने की आशंका है।
इन पांच हाथियों को लुगु पहाड़ी के जंगल में देखा गया है। इस जंगल से सटे गांवों को चिन्हित कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। वन विभाग का प्रयास है कि हाथियों की गतिविधियों पर समय रहते नजर रखी जाए, ताकि किसी भी संभावित खतरे की जानकारी तुरंत मिल सके और ग्रामीणों को पहले ही सतर्क किया जा सके।


