Giridihi: गिरिडीह की शाहिना परवीन की हत्या सिर्फ एक मर्डर नहीं, बल्कि प्यार, बेवफाई और साजिश की डरावनी दास्तान है। पहले प्रेम विवाह, फिर दूसरी लड़की के प्यार में अंधा पति और आखिरकार पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा गिरिडीह पुलिस ने कर दिया है। हत्या में शामिल पति, सास समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जंगल में मिला अधजला शव, ऐसे खुली परतें
30 जनवरी की सुबह बगोदर थाना पुलिस को कारी पहाड़ी जंगल में एक अज्ञात महिला का अधजला शव मिलने की सूचना मिली। थाना प्रभारी बिनय कुमार यादव ने तुरंत एसपी डॉ. बिमल कुमार को जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर सभी थानों से लापता महिलाओं की सूचना जुटाई गई और सरिया-बगोदर एसडीपीओ धनंजय राम के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। एफएसएल, श्वान दस्ता और तकनीकी टीम ने मौके पर जांच शुरू की।
इसी दौरान पता चला कि 28 जनवरी को डुमरी थाना में शाहिना परवीन, पत्नी जाबीर अंसारी, की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों को बुलाकर शव के अवशेष, कपड़े और घटनास्थल से मिली चूड़ियों के आधार पर मृतका की पहचान शाहिना परवीन के रूप में की गई।
पति और सास पर हत्या का केस, कबूलनामा
मृतका के पिता ताहुल अंसारी के बयान पर शाहिना के पति जाबीर अंसारी, सास जैबुन निशा और अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने छापेमारी कर जाबीर और उसकी मां को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि शाहिना को कारी पहाड़ी ले जाकर उसकी हत्या की गई और बाद में शव जलाने की कोशिश की गई। इस साजिश में सराफत अंसारी, वकील अंसारी उर्फ रॉकी, गुड्डू अली और दो नाबालिग भी शामिल थे।
रिश्तेदार से प्रेम बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में जाबीर ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से रिश्ते की एक युवती से प्रेम करने लगा था और उससे निकाह करना चाहता था। पत्नी शाहिना उसके रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट बन गई थी। रोज-रोज के झगड़ों से परेशान होकर उसने पत्नी को खत्म करने की योजना बना ली और इसमें अपनी मां को भी शामिल कर लिया।
5 हजार एडवांस देकर दी हत्या की सुपारी
जाबीर ने मुंबई में साथ काम करने वाले सराफत अंसारी को हत्या की सुपारी दी। तय हुआ कि काम के बदले 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। एडवांस में 5 हजार रुपये सराफत को दे दिए गए। हत्या की जगह और पूरी योजना पहले से तय कर ली गई। मुंबई से लौटने के बाद दोनों ने घटनास्थल पर जाकर हत्या का “रिहर्सल” भी किया।
शॉपिंग के बहाने बुलाया, मजार ले जाने का बहाना
योजना के तहत जाबीर ने कई महीनों बाद पत्नी से दोबारा बातचीत शुरू की और उसे मां के साथ बगोदर बुलाया। शॉपिंग के बाद मजार में झाड़-फूंक कराने का बहाना बनाकर शाहिना को जंगल की ओर ले जाया गया। रास्ते में तय जगह पर बाइक रोककर शाहिना का गला दबाकर हत्या कर दी गई और शव को पहले से खोदी गई जगह में डाल दिया गया।
सबूत मिटाने के लिए जलाई लाश
हत्या के बाद जाबीर मुंबई भाग गया। पुलिस के डर से अगले दिन सराफत ने दो नाबालिगों की मदद से पेट्रोल खरीदकर शव में आग लगा दी, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। लेकिन पुलिस की सख्त जांच ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
गिरिडीह पुलिस के मुताबिक यह मामला प्यार, लालच और धोखे का खतरनाक उदाहरण है, जिसमें एक विवाहिता की जान सिर्फ इसलिए ले ली गई क्योंकि वह किसी और के रास्ते में खड़ी थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है और नाबालिगों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।


