Hazaribagh : जिले के चौपारण क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ हजारीबाग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 350–355 एकड़ जमीन में लगी अफीम की फसल को नष्ट कर दिया है। पुलिस ने ट्रैक्टर चलाकर खेती को पूरी तरह खत्म किया, जिससे नशा कारोबारियों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है।
वन विभाग के साथ मिलकर चला 19 दिनों का अभियान
अवैध अफीम खेती की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वन विभाग के साथ संयुक्त टीम बनाकर लगातार 19 दिनों तक अभियान चलाया। इस दौरान जंगली और दुर्गम इलाकों में लगी अफीम की खेती को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से नष्ट किया गया, ताकि दोबारा खेती की कोई गुंजाइश न बचे।
आर्थिक चोट जरूरी: एसपी अंजनी अंजन
हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने कहा कि अफीम के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए आर्थिक चोट करना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत बड़े पैमाने पर खेती नष्ट की जा रही है। उन्होंने बताया कि अफीम कारोबार से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं और पंजाब, उत्तर प्रदेश (बरेली) व राजस्थान से आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है। आगे भी इनपुट्स के आधार पर कार्रवाई जारी रहेगी।

ड्रोन और सैटेलाइट से मिल रही मदद
अफीम की खेती के खिलाफ पुलिस गुप्तचर तंत्र के साथ-साथ तकनीकी साधनों का भी इस्तेमाल कर रही है। ड्रोन और सैटेलाइट मैपिंग की मदद से खेती वाले इलाकों की पहचान की जा रही है, जिससे बड़े पैमाने पर कार्रवाई संभव हो पाई है।
किसानों ने बदली राह, वैल्यू एडेड खेती की ओर कदम
कभी कटकमसांडी और केरेडारी क्षेत्र अफीम की खेती के लिए कुख्यात थे, लेकिन बेहतर पुलिसिंग और जागरूकता के चलते अब कई किसान टमाटर और स्ट्रॉबेरी जैसी वैल्यू एडेड फसलों की खेती कर रहे हैं। इसे समाज के लिए एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
तारीखवार नष्ट की गई अफीम की खेती
-
13 जनवरी: 10 एकड़
-
16 जनवरी: 70 एकड़
-
19 जनवरी: 60 एकड़
-
21 जनवरी: 100 एकड़
-
25 जनवरी: 70 एकड़
-
30 जनवरी: 8 एकड़
-
2 फरवरी: 25 एकड़
-
3 फरवरी: 10 एकड़
कुल मिलाकर गौतम बुद्ध आश्रयणी (सेंचुरी) क्षेत्र में 355 एकड़ में लगी अफीम की खेती को नष्ट किया गया है।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद हजारीबाग में अफीम के अवैध कारोबार पर सख्ती साफ नजर आ रही है और पुलिस ने संकेत दिया है कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।


