Ranchi: हरियाणा के पानीपत निवासी दीपक शर्मा उन युवाओं में शामिल हैं जो केवल भाषण नहीं, बल्कि अपने कर्म और संकल्प से बदलाव का संदेश दे रहे हैं। विकसित भारत के 9 संकल्पों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से दीपक साइकिल से देश भ्रमण पर निकले हैं। अब तक वे देश के 15 राज्यों की यात्रा पूरी कर चुके हैं और इस क्रम में झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे, जहां उन्होंने युवाओं से सीधा संवाद किया।
नशा-मुक्त भारत है यात्रा का मुख्य लक्ष्य
दीपक की साइकिल पर लिखा नारा “जियो जिंदाबाद” और हाथ में लहराता तिरंगा लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। यह साइकिल केवल एक यात्रा का साधन नहीं, बल्कि एक विचार और आंदोलन का प्रतीक बन चुकी है। दीपक बताते हैं कि उनकी यात्रा का सबसे बड़ा उद्देश्य नशा-मुक्त भारत का निर्माण है। उनका मानना है कि नशा युवाओं को भीतर से कमजोर कर रहा है और यही विकसित भारत के सपने में सबसे बड़ी बाधा है।
शिक्षक से सामाजिक अभियान तक का सफर
अपने अनुभव साझा करते हुए दीपक कहते हैं कि वे शिक्षा के क्षेत्र में एक शिक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं। पढ़ाते-पढ़ाते जब उन्होंने समाज और देश की समस्याओं को करीब से देखा, तो उन्हें लगा कि केवल कक्षा तक सीमित रहकर बदलाव संभव नहीं है। यहीं से देश के लिए कुछ बड़ा करने का संकल्प जन्मा और उन्होंने साइकिल के माध्यम से राष्ट्र जागरण की यात्रा शुरू की।
युवाओं से संवाद, संकल्प का संदेश
दीपक की यह यात्रा केवल घूमने तक सीमित नहीं है। वे जहां भी रुकते हैं, वहां स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और चौक-चौराहों पर युवाओं से संवाद करते हैं। नशे के दुष्प्रभावों पर खुलकर चर्चा करते हुए वे युवाओं को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाते हैं। साथ ही विकसित भारत के 9 संकल्पों के जरिए स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को मजबूत करने पर जोर देते हैं।
सीमित संसाधन, मजबूत हौसला
दीपक का कहना है कि यह लंबी यात्रा आसान नहीं रही। सीमित संसाधनों के बावजूद वे अपने लक्ष्य पर डटे हुए हैं। रास्ते में कई सामाजिक संगठनों ने उनका सहयोग किया, वहीं कभी-कभी सरकारी स्तर पर भी उन्हें मदद मिली। इसी क्रम में वे रांची पहुंचे और यहां भी युवाओं को नशा-मुक्ति व देशभक्ति का संदेश दिया।
युवाओं के लिए बन रही प्रेरणा
दीपक शर्मा का यह साइकिल अभियान आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। उनका मानना है कि यदि युवा नशे से दूर रहकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें, तो विकसित भारत का सपना निश्चित रूप से साकार होगा। साइकिल पर निकली यह यात्रा सिर्फ एक व्यक्ति का सफर नहीं, बल्कि एक सोच और आंदोलन है, जो देश के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।


