Ranchi: झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया 29 जनवरी से शुरू हो चुकी है। यदि आप इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं, तो आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। जरा-सी लापरवाही आपको चुनावी मैदान से बाहर कर सकती है। राज्य निर्वाचन आयोग ने नामांकन से लेकर आचार संहिता तक को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की है।
नामांकन के दौरान कितने लोग रहेंगे साथ
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि नामांकन के समय प्रत्याशी अपने साथ अधिकतम तीन समर्थकों को ही ले जा सकेंगे। नामांकन प्रक्रिया 4 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगी। नामांकन स्थल के 100 मीटर के दायरे में प्रत्याशी और उनके तीन समर्थकों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
निर्वाची पदाधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
आयोग के सचिव ने बताया कि सभी निर्वाची पदाधिकारियों को दो बार प्रशिक्षण दिया जा चुका है और उन्हें नामांकन प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के साथ-साथ प्रत्याशियों द्वारा जमा किए जाने वाले दस्तावेजों की गहन जांच के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
निषेधाज्ञा से किन्हें मिलेगी छूट
अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार निषेधाज्ञा पूर्व अनुमति प्राप्त सभा, जुलूस, शादी-बारात, शवयात्रा, हाट-बाजार, अस्पताल जा रहे मरीजों और उनके साथ मौजूद लोगों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं तथा तैनात सरकारी कर्मचारियों और पुलिस बल पर लागू नहीं होगी। हालांकि यह आदेश कैंटोनमेंट क्षेत्र, परीक्षा केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर प्रभावी रहेगा।
शहरी क्षेत्रों में लागू आदर्श आचार संहिता
नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य के शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। आयोग ने साफ किया है कि गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रांची सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने भी नगरपालिका आम निर्वाचन–2026 को लेकर आचार संहिता के अक्षरशः पालन के निर्देश जारी किए हैं।
कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर रहेगी कड़ी नजर
जिला प्रशासन ने आशंका जताई है कि चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण हथियारों का प्रदर्शन, मतदाताओं को डराने-धमकाने, जातीय या धार्मिक विद्वेष फैलाने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि लोक शांति भंग करने की किसी भी कोशिश पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, नगर निकाय चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशियों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। नियमों का पालन ही सुरक्षित और वैध चुनावी सफर की सबसे बड़ी शर्त है।


