Ranchi: झारखंड कांग्रेस में सोलह विधायकों में से पांच विधायक अपने उपनेता के साथ अलग ग्रुप बनाकर पार्टी और सरकार में शामिल चारों मंत्रियों के खिलाफ बगावती रुख अपना रहे हैं। इन विधायकों ने दिल्ली जाकर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से झारखंड सरकार और कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के खिलाफ शिकायत की, जो पार्टी के लिए चिंता का विषय बन गया है।
दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात के बाद हुई मीडिया बयानी, पार्टी नाराज
इन पांचों विधायकों ने दिल्ली से लौटने के बाद रांची में मीडिया से बात की और मंत्रियों पर आरोप लगाए। यह कदम पार्टी हाईकमान के निर्देशों के खिलाफ माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी ने पहले ही साफ किया था कि यदि किसी को कोई बात करनी है तो वह पार्टी प्लेटफॉर्म पर ही करें, मीडिया के सामने नहीं।
मीडियाबाजी ठीक नहीं: सतीश पॉल मुंजनी
झारखंड प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि दिल्ली जाकर आलाकमान से बात करना और मंत्री-शैली पर शिकायत करना गलत नहीं है, लेकिन मीडिया के सामने बात करना अनुशासनहीनता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रभारी राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कई बार यह निर्देश दिया है कि पार्टी के भीतर ही मुद्दों को उठाया जाए, मीडिया से बात करना उचित नहीं है।
अनुशासनहीनता पर समिति करेगी कार्रवाई: अभिलाष साहू
झारखंड कांग्रेस अनुशासन समिति के सदस्य अभिलाष साहू ने भी माना कि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर अपने ही मंत्रियों के खिलाफ मीडिया में बयान देना अनुशासनहीनता है। उन्होंने कहा कि अनुशासन समिति के अध्यक्ष इस मामले पर नजर रख रहे हैं। पांचों विधायकों को बुलाकर उनसे बात की जाएगी, और यदि वे नहीं मानते हैं तो कार्रवाई की संभावना है।
पार्टी के लिए समय है महत्वपूर्ण, इसलिए अनुशासन जरूरी
सतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि इस समय पार्टी के लिए तैयारी का समय बेहद महत्वपूर्ण है। कांग्रेस को निकाय चुनावों के लिए मजबूती से तैयारी करनी है और एसआईआर से पहले हर बूथ पर मजबूत बीएलए बनाना है। उनका कहना है कि भाजपा की चाल समर्थक वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से कटवाने की है, इसलिए पार्टी को एकजुट होकर काम करना होगा।
क्या होगी कार्रवाई?
पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि अनुशासनहीनता पर नजर रखी जा रही है और यदि पांचों विधायक पार्टी लाइन नहीं मानते हैं तो अनुशासन समिति कार्रवाई कर सकती है।



