Palamu : पलामू पुलिस को गैंगस्टर प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दोनों गिरोह से जुड़े आठ शूटरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो पिस्तौल, दो देसी कट्टा समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।
नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट से रंगदारी की थी योजना
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह का आपसी गठजोड़ हो चुका था। यह गिरोह नेशनल हाईवे फोरलेन का निर्माण कर रही एक कंस्ट्रक्शन कंपनी से रंगदारी वसूलने की योजना बना रहा था। इसके लिए कंस्ट्रक्शन साइट पर फायरिंग कर दहशत फैलाने की तैयारी थी।
फायरिंग से पहले पुलिस ने दबोचा
पलामू पुलिस को सूचना मिली थी कि सदर थाना क्षेत्र के सिंगरा इलाके में कंस्ट्रक्शन साइट पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया जाने वाला है। सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आठों शूटरों को मौके से पहले ही गिरफ्तार कर लिया।
ये अपराधी हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में गढ़वा के मेरौनी निवासी अमित चौधरी, लेस्लीगंज के चौरा निवासी आकाश शुक्ला, तरहसी निवासी कौशल पासवान, सदर थाना क्षेत्र के पोखराहा निवासी नीरज चंद्रवंशी, पाटन के इमली निवासी अख्तर अंसारी, लेस्लीगंज के हरतुआ निवासी अविनाश गिरी और पाटन के सुठा निवासी बॉबी कुमार शामिल हैं।
कुबेर ने कराई थी प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा की दोस्ती
पूछताछ के दौरान पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली है कि प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के बीच दोस्ती ‘कुबेर’ नाम के एक अपराधी ने कराई थी। कुबेर एक छद्म नाम बताया जा रहा है, जिसे प्रिंस खान गिरोह इस्तेमाल करता है। पुलिस के अनुसार, कुबेर दोनों गिरोहों के बीच सूचनाओं और योजनाओं की सबसे बड़ी कड़ी है।
पलामू में सुजीत सिन्हा निभा रहा था अहम भूमिका
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पलामू इलाके में सुजीत सिन्हा ही प्रिंस खान को शूटर और स्थानीय स्तर की अहम जानकारियां उपलब्ध करवा रहा था। कुबेर के जरिए दोनों गिरोहों के बीच हर तरह की जानकारी साझा की जाती थी। पुलिस अब कुबेर की असली पहचान का पता लगाने में जुटी है।
अमित चौधरी मास्टरमाइंड, विदेश भागने की थी तैयारी
एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि गिरफ्तार अमित चौधरी दोनों गिरोहों से सीधे जुड़ा हुआ है और पूरे प्लान का मास्टरमाइंड है। वह घटना को अंजाम देने के बाद विदेश फरार होने की तैयारी में था। बरामद पर्चों में प्रिंस खान का नाम लिखा हुआ मिला है। पुलिस के अनुसार, प्रिंस खान के विदेश में होने का फायदा उठाकर गिरोह जिम्मेदारी तय करता था।
फायरिंग के बाद जिम्मेदारी तय करने का खेल
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि अगर फायरिंग के बाद अपराधी नहीं पकड़े जाते थे तो जिम्मेदारी सुजीत सिन्हा लेता था, और अगर पकड़े जाते थे तो जिम्मेदारी प्रिंस खान के नाम पर ली जाती थी। चूंकि प्रिंस खान दुबई में है, इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई करना मुश्किल होता था।
छापेमारी में कई अधिकारी रहे शामिल
इस कार्रवाई में एसडीपीओ राजीव रंजन, इंस्पेक्टर सुरेश राम, सदर थाना प्रभारी लालजी, सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार और राजू कुमार गुप्ता समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


