Deoghar: मधुपुर में दलित युवक की पिटाई के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी आक्रामक हो गई है। पीड़ित परिवार से मिलने गए भाजपा के शिष्टमंडल के 11 सदस्यों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। इसी क्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू 24 जनवरी को देवघर पहुंचकर मधुपुर के लालगढ़ का दौरा करेंगे।
प्राथमिकी के बाद तेज हुआ सियासी घमासान
दलित की पिटाई की घटना के बाद भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा था। इसके बाद शिष्टमंडल में शामिल 11 लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया। इसे लेकर भाजपा नेताओं में भारी नाराजगी है। पार्टी का आरोप है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय सरकार उनके समर्थकों को डराने का काम कर रही है।
निशिकांत दुबे का सरकार पर तीखा हमला
गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने इस मामले में झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “मधुपुर को बांग्लादेश नहीं बनने देंगे। आस्था, कानून और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।”
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि 31 जनवरी को वह मंदिर में रुके निर्माण कार्य को फिर से शुरू कराएंगे।
सांसद ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार के एक मंत्री के रिश्तेदारों द्वारा उनके खिलाफ 2023 में मोहनपुर थाना में गौ-हत्या रोकने को लेकर हिंदू-मुस्लिम विवाद का केस दर्ज कराया गया था। उन्होंने लालगढ़ मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष, अनुसूचित जाति के गरीब लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों के खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात कही।
‘गंदी राजनीति का अंत तय’
निशिकांत दुबे ने कहा कि मधुपुरीयत के नाम पर हो रहे समझौतों पर सवाल उठना चाहिए। उनका आरोप है कि पिछले 17 वर्षों में बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण स्थानीय लोग अल्पसंख्यक बनते जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “गंदी राजनीति का अंत निश्चित है।”
प्रदेश अध्यक्ष के दौरे से बढ़ी हलचल
भाजपा जिलाध्यक्ष सचिन रवानी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू 24 जनवरी को सड़क मार्ग से रांची से सीधे मधुपुर आएंगे और लालगढ़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि लालगढ़ की घटना को लेकर रांची से लेकर देवघर तक पार्टी के अंदर गंभीर चर्चा चल रही है।
पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या संताल परगना को बांग्लादेश या पाकिस्तान बनाने की साजिश हो रही है, जिस पर आगे की रणनीति तय की जा रही है।
दलितों पर अत्याचार का आरोप
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पहले दलितों की पिटाई की गई और फिर उल्टा उन्हीं पर केस दर्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं, जो लोग उनके समर्थन में सामने आए, उन्हें भी मुकदमों में फंसा दिया गया। भाजपा का कहना है कि इससे पीड़ित परिवारों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है।



