Garhwa : गढ़वा जिले के समाहरणालय सभागार में पलामू सांसद विष्णु दयाल राम की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई, जिसमें कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विधायकों ने जताई नाराजगी
बैठक के दौरान भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव और गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जाहिर की। अनंत प्रताप देव ने कहा कि पिछली दिशा बैठक में वे उपस्थित नहीं थे, लेकिन उस बैठक से जुड़ी जानकारियों में कई सवालों के जवाब अधूरे मिले। उनका कहना था कि आज की बैठक में भी कई मुद्दों पर स्पष्टता नहीं आई।
वहीं, गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि बैठक में कई अहम सवाल उठाए गए, लेकिन न तो संबंधित विभाग और न ही अधिकारी संतोषजनक जवाब दे सके। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अधिकारियों के जवाबों से वे संतुष्ट नहीं हैं।
अवैध बालू उत्खनन और योजनाओं पर सवाल
विधायक तिवारी ने जिले में लगातार हो रहे अवैध बालू उत्खनन का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है। इसके साथ ही उन्होंने मईयां सम्मान योजना का भी जिक्र किया और कहा कि 50 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद लाभुकों के नाम सूची से काटे जा रहे हैं, जबकि जिनका नाम जोड़ा जाना चाहिए, उनका काम सरकार नहीं कर पा रही है। इन सवालों पर भी स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।
विधानसभा सत्र में उठाए जाएंगे मुद्दे
विधायकों ने कहा कि जिन सवालों का जवाब बैठक में नहीं मिल पाया है, उन्हें वे आगामी विधानसभा सत्र में उठाने का काम करेंगे। बैठक में उठे इन मुद्दों से यह स्पष्ट हुआ कि जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर जनप्रतिनिधियों में असंतोष बना हुआ है।


