Ranchi/Khunti : आदिवासी नेता व पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों द्वारा बुलाए गए झारखंड बंद का शुक्रवार को राज्यभर में मिला-जुला असर देखने को मिला। सबसे अधिक प्रभाव खूंटी जिले में दिखा, जहां सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर उतरे और कई स्थानों पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की है।
खूंटी में बंद का व्यापक असर
खूंटी जिले से गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर आवागमन प्रभावित रहा। शहर की अधिकांश दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे, वहीं पेट्रोल पंप भी नहीं खुले। एनएच पर हुटार चौक समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन किया गया, जिससे लंबी दूरी की गाड़ियों की कतारें लग गईं। बंद समर्थकों ने विभिन्न चौक-चौराहों पर घूम-घूमकर बंद को सफल बनाने की कोशिश की।
रांची और आसपास के इलाकों में आंशिक प्रभाव
रांची-जमशेदपुर एनएच-33 पर बुंडू समेत कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। रांची के ग्रामीण क्षेत्रों—चिरौंदी, चान्हो, रातू, खलारी, तुपुदाना, कांके और पिठोरिया—में सड़क जाम और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। बंद समर्थकों ने अल्बर्ट एक्का चौक को कुछ समय के लिए पूरी तरह जाम कर दिया। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए शहर के प्रमुख इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया। एहतियातन रांची और खूंटी समेत कुछ जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई।
आदिवासी संगठनों की मांग
आदिवासी संगठनों का कहना है कि सोमा मुंडा की हत्या केवल व्यक्तिगत रंजिश नहीं, बल्कि जमीन, जंगल और जल की रक्षा की आवाज को दबाने की साजिश है। संगठनों ने इसे आदिवासी अधिकारों पर हमला बताते हुए सभी आरोपियों, विशेषकर शूटर और मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग की है।
चाईबासा और पश्चिमी सिंहभूम में प्रदर्शन
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा, जगन्नाथपुर और नोवामुंडी क्षेत्रों में भी बंद का असर दिखा। मानकी-मुंडाओं ने चौक-चौराहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। लंबी दूरी और स्थानीय बसों का परिचालन ठप रहा, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।
अन्य जिलों में स्थिति सामान्य
रामगढ़ में एनएच-33 को कुछ देर के लिए जाम किया गया, जिसे बाद में हटा दिया गया। पाकुड़, चतरा, साहिबगंज, गुमला, गिरिडीह, दुमका, सिमडेगा, सरायकेला, गोड्डा, पलामू, गढ़वा, लोहरदगा और लातेहार सहित कई जिलों में बंद का खास असर नहीं दिखा और जनजीवन सामान्य रहा।गौरतलब है कि 7 जनवरी को खूंटी के जमुआदाहा के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने जमीन विवाद को हत्या का कारण बताते हुए सात आरोपियों की गिरफ्तारी की है, लेकिन संगठनों का आरोप है कि अब तक मुख्य साजिशकर्ता और शूटर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, इसी के विरोध में राज्यव्यापी बंद बुलाया गया।


