Ranchi: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस सम्मेलन में भाग लेने के लिए झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित्य मलहोत्रा और महासचिव रोहित अग्रवाल रवाना हो गए हैं। खास बात यह है कि पहली बार राज्य सरकार के आधिकारिक शिष्टमंडल में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स को शामिल किया गया है, जिसे उद्योग जगत ने बेहद स्वागतयोग्य कदम बताया है।
चैंबर अध्यक्ष आदित्य मलहोत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा झारखंड को विकसित राज्य बनाने की दिशा में यह एक दूरदर्शी पहल है। दावोस यात्रा से राज्य के विकास को नई दिशा मिलेगी और यह निवेश के लिहाज से मील का पत्थर साबित हो सकती है।
वहीं महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे वैश्विक मंच से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलेगा, जिसे झारखंड में जमीन पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।
निवेश के अवसरों को किया जाएगा प्रस्तुत
दावोस सम्मेलन के दौरान झारखंड में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और निवेश संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने रखा जाएगा। खासतौर पर प्राकृतिक स्रोतों से उत्पादित ऊर्जा, ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण, स्वच्छ ईंधन और औद्योगिक डी-कार्बोनाइजेशन से जुड़े अवसरों पर फोकस रहेगा।
प्रतिनिधिमंडल दावोस के साथ-साथ यूनाइटेड किंगडम में भी झारखंड का पक्ष रखेगा। इसके जरिए राज्य खुद को एक विश्वसनीय, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करेगा।
ग्रीन इकोनॉमी और नेट-जीरो लक्ष्य पर जोर
दावोस में झारखंड यह संदेश देगा कि भारत के नेट-जीरो टारगेट और ग्रीन इकोनॉमी के संकल्प के साथ राज्य पूरी तरह कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास के इस मॉडल से न सिर्फ झारखंड की ऊर्जा आवश्यकताओं में ऐतिहासिक भूमिका मजबूत होगी, बल्कि एक टिकाऊ वैश्विक भविष्य के प्रति राज्य की जिम्मेदारी भी उजागर होगी।
चैंबर पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भागीदारी से झारखंड में विदेशी निवेश बढ़ेगा और राज्य के औद्योगिक व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।


