Deoghar: संथाल परगना लंबे समय से साइबर अपराध की चुनौती से जूझ रहा है। जामताड़ा के बाद अब देवघर भी साइबर ठगों का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। हालात ऐसे हैं कि लगभग हर दिन देवघर या आसपास के जिलों से साइबर ठगी के किसी न किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो रही है।
देवघर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सौरभ कुमार ने साइबर अपराध को “साइलेंट क्राइम” बताते हुए कहा कि यह ऐसा अपराध है, जो बिना शोर किए लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डालता है। उनके मुताबिक, साइबर ठगी कई बार डकैती, चोरी या हत्या जैसे हार्ड क्राइम से भी ज्यादा खतरनाक साबित होती है, क्योंकि इससे पीड़ितों को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक तीनों स्तरों पर नुकसान होता है।
लोकल युवाओं की बढ़ती भूमिका
एसपी सौरभ कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में दर्ज हो रहे अधिकांश साइबर अपराधों की जड़ें देवघर और आसपास के जिलों से जुड़ी मिल रही हैं। शुरुआती जांच में बार-बार यह सामने आ रहा है कि ठगी के नेटवर्क में स्थानीय युवाओं की संलिप्तता बढ़ती जा रही है।
लालच, आसान कमाई और फर्जी कॉल व मैसेज के जरिए लोगों को ठगने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बैंक अकाउंट्स पर अब पुलिस की कड़ी नजर है।
अवैध संपत्ति पर भी चलेगा बुलडोजर
साइबर डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीमें उन अपराधियों पर नजर रख रही हैं, जो जेल से छूटने के बाद दोबारा इस धंधे में सक्रिय हो गए हैं। जिन थाना क्षेत्रों में साइबर अपराधियों की संख्या ज्यादा पाई गई है, वहां थाना प्रभारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
एसपी ने बताया कि पुलिस अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि साइबर ठगी से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल आठ ऐसे साइबर अपराधी चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने ठगी के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति खड़ी की है।
जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील
देवघर पुलिस की रणनीति शहरों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण इलाकों में अभियान चलाकर सरपंचों, मुखियाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी सख्त संदेश दिया जा रहा है।
एसपी सौरभ कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि किसी ने साइबर अपराधियों को संरक्षण दिया, तो उसे भी कानून का सामना करना पड़ेगा। पुलिस चाहती है कि गांव स्तर पर ही ऐसे तत्वों को समझाया जाए और साइबर अपराध की जड़ों को वहीं खत्म किया जाए।
देवघर पुलिस का मानना है कि जनसहयोग, सख्त निगरानी और आर्थिक कार्रवाई के जरिए ही इस ‘साइलेंट क्राइम’ पर प्रभावी लगाम लगाई जा सकती है।


