Khunti: सोमा मुंडा हत्याकांड को लेकर मुख्य अपराधियों की गिरफ्तारी सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी की जा रही है जिसे लेकर आज आदिवासी समन्वय समिति, खूंटी की ओर से जानकारी उपलब्ध कराई गई है जिसमें बताया गया है कि सोमा मुंडा हत्याकांड को लेकर न केवल खूंटी बल्कि पूरे झारखंड में आदिवासी मूलवासी समाज मर्माहत और आक्रोशित है। इस घटना को लेकर समाज के परंपरागत अगुवाओं, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं में गहरा असंतोष व्याप्त है।
समिति ने बताया कि समाज की स्पष्ट मांग है कि इस हत्याकांड में किसी भी निर्दोष व्यक्ति को न फंसाया जाए तथा वास्तविक दोषियों की पहचान कर प्रशासन द्वारा उन्हें कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसी उद्देश्य से विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर सरकार और प्रशासन के समक्ष नौ सूत्री मांगें रखी थीं।
हालांकि, समिति का आरोप है कि इन मांगों पर अब तक सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस और संतोषजनक कार्रवाई सामने नहीं आई है। केवल औपचारिकता निभाते हुए मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे समाज में असंतोष और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
इसी पृष्ठभूमि में आदिवासी संगठनों द्वारा 17 जनवरी को आहूत संपूर्ण झारखंड बंद को सफल बनाने के लिए रणनीति और रूपरेखा तय करने हेतु एक विशेष बैठक सह प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। यह बैठक 15 जनवरी को अपराह्न 2 बजे से खूंटी के करम अखड़ा में आयोजित होगी।
आदिवासी समन्वय समिति ने तमाम परंपरागत अगुवाओं, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं से इस बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया गया है तथा प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधियों से बैठक में उपस्थित होकर कार्यक्रम को कवर करने की अपील की है। समिति का कहना है कि यह बैठक झारखंड बंद की सफलता और आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।



