Ranchi: राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से रहस्यमय तरीके से लापता हुए मासूम भाई–बहन अंश और अंशिका को आखिरकार सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। दोनों बच्चों को रामगढ़ पुलिस ने चितरपुर इलाके से ढूंढ निकाला। बरामदगी के बाद बच्चों को सुरक्षित रामगढ़ एसपी के आवास पर रखा गया है। इस सफलता के साथ ही झारखंड पुलिस ने 13 दिनों से जारी दबाव और आलोचनाओं के बीच राहत की सांस ली है।
कई जिलों और राज्यों की पुलिस जुटी थी तलाश में
अंश और अंशिका के लापता होने के बाद रांची पुलिस के साथ-साथ कई जिलों और अन्य राज्यों की पुलिस टीमें उनकी तलाश में लगी हुई थीं। मामला काफी संवेदनशील बन गया था और आम लोगों से लेकर राजनीतिक हस्तियों तक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। अंततः रामगढ़ पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली और दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया।
परिवार को दी गई सूचना, पिता ने जताया संतोष
बच्चों के पिता सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस की ओर से उन्हें अंश और अंशिका के सुरक्षित मिलने की सूचना दी गई है। बच्चों के सकुशल मिलने से परिवार में खुशी और राहत का माहौल है। परिजनों ने पुलिस का आभार जताया है।
पति-पत्नी हिरासत में, अपहरण की पुष्टि
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों बच्चों का अपहरण किया गया था। इस मामले में औरंगाबाद (बिहार) के रहने वाले एक पति-पत्नी को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यही दंपती 2 जनवरी को शालीमार बाजार से दोनों बच्चों को अपने साथ लेकर निकले थे। अपहरण के पीछे की मंशा क्या थी, इसे लेकर पुलिस गहन जांच कर रही है।
डीजीपी करेंगी प्रेस कॉन्फ्रेंस, होंगे अहम खुलासे
बच्चों की बरामदगी के बाद झारखंड की डीजीपी बुधवार को दोपहर 12:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। इस दौरान पूरे मामले से जुड़े कई अहम खुलासे किए जाने की संभावना है। पुलिस यह भी स्पष्ट करेगी कि बच्चे 13 दिनों तक कहां और किन परिस्थितियों में रखे गए थे।
मासूमों की सुरक्षित वापसी से जहां परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं यह मामला राज्य में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है।



