Khunti: पड़हा राजा सोमा मुंडा की पत्नी और उनके बच्चे आज रोते-बिलखते भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि डोम्बारी बुरु पहुंचे। शहादत दिवस के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष सोमा मुंडा की पत्नी ने भावुक होकर अपने पति की हत्या के दोषियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग की। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। 
गौरतलब है कि बीते दिनों अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर पड़हा राजा सोमा मुंडा की निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से पूरे खूंटी जिले समेत राज्यभर में आक्रोश व्याप्त है। हत्याकांड के विरोध में खूंटी जिला बंद भी किया गया और पुलिस पर लगातार अपराधियों की गिरफ्तारी का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद अब तक पुलिस हत्यारों तक पहुंचने में सफल नहीं हो सकी है।
शहादत दिवस के मौके पर डोम्बारी बुरु पहुंचे सोमा मुंडा की पत्नी ने कहा कि उनके पति ने जीवनभर आदिवासी समाज, जल-जंगल-जमीन और अधिकारों के लिए संघर्ष किया, लेकिन आज उनके परिवार को ही न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
उल्लेखनीय है कि सोमा मुंडा आदिवासी समाज के एक बड़े और प्रभावशाली चेहरे थे। वे जल-जंगल-जमीन की रक्षा को लेकर लगातार आंदोलनों से जुड़े रहे और झारखंड अलग राज्य की मांग करने वाले झारखंड आंदोलनकारियों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

बता दें कि आज 9 जनवरी को खूंटी जिले के ऐतिहासिक डोम्बारी बुरु में शहादत दिवस के अवसर पर हर वर्ष मेले का आयोजन किया जाता है। इतिहास के अनुसार, इसी डोम्बारी बुरु पहाड़ी पर भगवान बिरसा मुंडा अपने समर्थकों के साथ अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सभा कर रहे थे, तभी अंग्रेजी सेना ने चारों ओर से घेराबंदी कर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी थी। इस गोलीबारी में लगभग 400 से अधिक आदिवासी शहीद हो गए थे। उन्हीं शहीदों की स्मृति में हर साल 9 जनवरी को डोम्बारी बुरु में मेला आयोजित कर श्रद्धांजलि दी जाती है।
आज इसी पावन और ऐतिहासिक स्थल से पड़हा राजा सोमा मुंडा की पत्नी द्वारा इंसाफ की गुहार लगाए जाने से पूरे कार्यक्रम का माहौल और भी अधिक भावुक हो गया।



