Koderma : कोडरमा दौरे के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रस्तावित इंग्लैंड दौरे पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से की जा रही है, तो उसका ठोस और प्रत्यक्ष लाभ झारखंड की जनता को मिलना चाहिए।
अर्जुन मुंडा ने आशंका जताई कि कहीं ऐसा न हो कि यह दौरा केवल औपचारिक या व्यक्तिगत बनकर रह जाए और राज्य को कोई ठोस निवेश हासिल न हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विदेश दौरे से राज्य में नई पूंजी, रोजगार और औद्योगिक विकास के अवसर पैदा हों।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि सरकार को केवल नए निवेश की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि झारखंड में पहले से मौजूद और बंद पड़े उद्योगों को पुनर्जीवित करने पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
पेसा कानून में विसंगतियों का लगाया आरोप
पेसा कानून को लेकर अर्जुन मुंडा ने कहा कि नियमों का निर्माण हमेशा स्थानीय समुदायों के हितों को केंद्र में रखकर होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान पेसा नियमावली में कई विसंगतियां हैं और कुछ अहम प्रावधानों को नजरअंदाज किया गया है। मुंडा के अनुसार, इन खामियों को दूर किए बिना पेसा कानून अपने मूल उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकता।
विकास बनाम टकराव की राजनीति पर टिप्पणी
कोल कंपनियों के खिलाफ चल रहे आंदोलनों पर प्रतिक्रिया देते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड का गठन जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा संतुलित विकास के लिए हुआ था, न कि संघर्ष, लड़ाई-झगड़े और दंगा-फसाद के लिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की प्राथमिकता शांतिपूर्ण विकास और जनहित होना चाहिए।



