Ranchi : रांची समेत झारखंड के विभिन्न जिलों में वामदलों ने अमेरिका के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की आलोचना करते हुए वेनेजुएला के निर्वाचित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी के कथित अपहरण की योजना का कड़ा विरोध जताया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया।
रांची में वामदल के कार्यकर्ता अल्बर्ट एक्का चौक पर एकत्रित हुए और अमेरिका विरोधी नारे लगाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति के खिलाफ की गई कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर और अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि किसी संप्रभु देश के निर्वाचित राष्ट्रपति के साथ इस तरह का व्यवहार वैश्विक लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
प्रदर्शन के दौरान भारत सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि इस गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर भारत सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है। उनका कहना था कि भारत को लोकतांत्रिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पक्ष में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और वेनेजुएला के समर्थन में खड़ा होना चाहिए।
इस विरोध सभा में सीपीएम के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, भाकपा (माले) के शुभेंदु सेन, सीपीआई के अजय सिंह सहित कई वाम नेता मौजूद रहे। इनके अलावा फिल्मकार मेघनाथ, सामाजिक कार्यकर्ता फादर टोनी, दीप्ति मिंज, अफजल अनीस, वीरेंद्र कुमार, सुखनाथ लोहरा और एसके राय ने भी अपने विचार रखे।
प्रदर्शन में छात्र और श्रमिक संगठनों की भी सक्रिय भागीदारी रही। आइसा, एसएफआई, सीटू, एटक और एक्टू से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए वेनेजुएला के साथ एकजुटता दिखाई। सभा की अध्यक्षता नंदिता भट्टाचार्य ने की।



