Ranchi : मनरेगा योजना का नाम बदलकर विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल, 2025 किए जाने के बाद झारखंड की सियासत गरमा गई है। नए प्रावधानों के तहत जहां काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है, वहीं मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह करने का नियम भी लागू किया गया है।
नाम परिवर्तन को लेकर विपक्ष खासकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस का कहना है कि महात्मा गांधी का नाम हटाकर सरकार ने उनकी विरासत का अपमान किया है और इसे लेकर पार्टी ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा की है।
बीजेपी का पलटवार, जनता के बीच जाएगी पार्टी
कांग्रेस के विरोध को निष्प्रभावी बनाने के लिए भाजपा ने जनता के बीच जाने का फैसला किया है। प्रदेश भाजपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस को इस नाम से इतनी परेशानी क्यों हो रही है, यह समझ से परे है।
उन्होंने बताया कि 8 से 10 जनवरी के बीच राज्य के हर मंडल में गोष्ठी और सभाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए जनता को बताया जाएगा कि नए स्वरूप में आई योजना से मजदूरों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे।
“मनरेगा में था भ्रष्टाचार का बोलबाला”
आदित्य साहू ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मनरेगा वर्षों से भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी थी, खासकर झारखंड में। उन्होंने दावा किया कि नए कानून से न सिर्फ भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि मजदूरों को समय पर भुगतान भी सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि नई योजना के तहत मजदूरों को 125 दिन काम मिलेगा और साल के दो महीने बिना काम किए भी उन्हें राशि मिलती रहेगी।
गबन के आंकड़े गिनाए
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि साल 2024-25 में मनरेगा में 193.67 करोड़ रुपये के गबन के मामले सामने आए हैं। फर्जी बिल और कागजों के जरिए बड़े पैमाने पर लूट हुई। यहां तक कि पड़ोसी जिले खूंटी में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को इस मामले में जेल भी जाना पड़ा।
आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह करना चाहती है, लेकिन भाजपा जनता के बीच जाकर सच बताएगी। उनका दावा है कि VB-G RAM G योजना मजदूरों के हित में है और इससे रोजगार व्यवस्था अधिक पारदर्शी और मजबूत होगी।



