Ranchi : रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने निवेश का झांसा देकर मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) के जरिए 307 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक चंद्र भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद ईडी ने पांच दिनों की रिमांड पर लिया है।
एमएलएम के नाम पर ऊंचे रिटर्न का लालच
ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी एमएलएम स्कीम चलाकर लोगों को ऊंचे मासिक रिटर्न और आकर्षक रेफरल लाभ का लालच दिया। इस योजना के जरिए झारखंड सहित कई राज्यों में बड़ी संख्या में लोगों से निवेश कराया गया। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने 21 बैंक खातों में 307 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा कराई।
तीन साल से फरार, फर्जी पहचान का इस्तेमाल
ईडी के अनुसार, चंद्र भूषण सिंह और प्रियंका सिंह पिछले तीन वर्षों से झारखंड, राजस्थान और असम पुलिस के साथ-साथ ईडी से बचने के लिए छिपकर रह रहे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने नकली नाम ‘दीपक सिंह’ और जाली पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया तथा लगातार ठिकाने बदलते रहे।
बेनामी संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने ठगी से जुटाई गई रकम को नकद में बदलकर मनी लॉन्ड्रिंग की और बेनामी लेनदेन के जरिए कई रियल एस्टेट संपत्तियां खरीदीं। अवैध धन को छिपाने के लिए जटिल वित्तीय लेनदेन किए गए।
पांच राज्यों में दर्ज हैं मामले
दोनों आरोपियों के खिलाफ झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। इन्हीं प्राथमिक मामलों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
तलाशी में नकद, दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद
ईडी ने इस मामले में 16 सितंबर और 3 दिसंबर को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, वैशाली (बिहार), मेरठ, रांची और देहरादून में छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान नकली पहचान पत्र, हाथ से लिखी डायरियां, 10 लाख रुपये से अधिक नकद, चेकबुक, लैपटॉप, मोबाइल फोन, 15,000 अमेरिकी डॉलर की क्रिप्टो करेंसी और बड़ी संख्या में रियल एस्टेट से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए।
ईडी अब रिमांड अवधि के दौरान ठगी की रकम, नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।



