Ranchi : झारखंड में नगर निकाय चुनाव अब पहली बार बैलेट पेपर के जरिए होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस फैसले की घोषणा की है। इससे पहले नगर निकाय चुनाव हमेशा ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के माध्यम से ही होते थे। बैलेट पेपर से मतदान कराने का निर्णय लेने के पीछे मुख्य वजह ईवीएम की उपलब्धता में कमी है।
ईवीएम न मिलने के कारण लिया निर्णय
राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि जितनी संख्या में ईवीएम की आवश्यकता थी, उतनी मशीनें राज्य में उपलब्ध नहीं थीं। पड़ोसी राज्यों ने भी ईवीएम उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। वहीं ईवीएम बनाने वाली कंपनी ने नए मशीनों के निर्माण के लिए एक वर्ष का समय मांगा। इन सभी कारणों के चलते राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार बैलेट पेपर से मतदान कराने का निर्णय लिया।
राधेश्याम प्रसाद का बयान
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने कहा, “इस बार बैलेट पेपर से नगर निकाय चुनाव होगा। इसके पीछे वजह यह है कि हमारे पास मौजूद ईवीएम की आयु समाप्त हो चुकी है और नए ईवीएम बनाने में समय लगेगा। इस कारण बैलेट पेपर का उपयोग किया जा रहा है।”
बैलेट पेपर का रंग और व्यवस्था
नगर निकाय चुनाव में अध्यक्ष और वार्ड सदस्य के लिए अलग-अलग रंग के बैलेट पेपर होंगे। मतदाता को मतदान के समय दोनों बैलेट पेपर मिलेंगे और उन्हें अलग-अलग बैलेट बॉक्स में डालना होगा। सचिव ने कहा कि पर्याप्त संख्या में बैलेट बॉक्स उपलब्ध कराए गए हैं और सभी केंद्रों में उनका प्रबंध किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर बैलेट पेपर छपाई
इस बार बैलेट पेपर की छपाई रांची में ही कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रिंटिंग प्रेस का चयन प्रक्रिया में है। इससे पहले बैलेट पेपर कोलकाता में प्रिंट किया जाता था। छपाई और वितरण की तैयारियां पूरे प्रदेश में सुचारू ढंग से की जा रही हैं।



