Ranchi : नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर झारखंड सरकार पर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। इस बार उनके निशाने पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक राजीव लोचन बख्शी रहे।
भ्रष्टाचार पर उठाया सवाल
बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए मरांडी ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण क्यों दे रहे हैं, यह समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव लोचन बख्शी ने वन विभाग के प्रधान सचिव के रूप में कार्य किया है और उन पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, बावजूद इसके सरकार ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की।
होर्डिंग और विज्ञापन में अनियमितता का आरोप
मरांडी ने कहा कि जिस विभाग का सचिव पद लंबे समय से खाली है और जिसके विभागीय मंत्री स्वयं मुख्यमंत्री हैं, वहां अनियमितता का स्तर सबसे अधिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि विज्ञापन और होर्डिंग के खेल में दलाल पहले से ही तय किए जाते हैं और कांटाटोली के एक दलाल 1000 रुपये के होर्डिंग पर 10,000 रुपये तक वसूली करता है।
एसआईटी जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने पिछले पांच वर्षों में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एसआईटी गठन की मांग की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद विज्ञापन पास किए जाते हैं और पूरा सिस्टम केवल लूट-खसोट में शामिल होता है, यानी जनता की कमाई को अपनी तिजोरी भरने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
सरकार पर गंभीर आरोप
मरांडी ने कहा कि राज्य में भ्रष्ट अधिकारियों को ही सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं और सरकार इस पूरे तंत्र को बचाने में लगी हुई है। उनका आरोप है कि सरकार न केवल भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने में विफल है, बल्कि पूरे सिस्टम को संरक्षण प्रदान कर रही है।



