Palamu : पलामू जिले में शराब माफियाओं ने तस्करी का तरीका बदल दिया है। अब तस्करी के लिए लड़कियों को शामिल किया जा रहा है ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके। माफिया लड़कियों को पैसे देकर उन्हें नेटवर्क का हिस्सा बना रहे हैं। बड़ी गाड़ियों की बजाए अब फैमिली कारों का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा है, जिससे पुलिस को शक न हो।
अवैध फैक्ट्री से मिला बदलते नेटवर्क का सुराग
हाल ही में पांकी थाना क्षेत्र के एनवा-मैनवा जंगल में पुलिस ने एक अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस को उस फैमिली कार की जानकारी मिली, जिसके जरिए तस्कर फैक्ट्री तक पहुंचते थे। तस्करों के मोबाइल फोन की जांच में कई लड़कियों की तस्वीरें और उनसे जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
गााड़ी में बिठाई जाती हैं लड़कियां, चेकिंग में बनती हैं ‘कपल’
तस्कर शराब की खेप को जिस कार से ले जाते हैं, उसी कार में एक लड़की और एक युवक को आगे वाली सीट पर बैठाया जाता है। चेकिंग के दौरान वे खुद को कपल बताते हैं, जिससे पुलिस को शक नहीं होता। पिछले कुछ महीनों से माफिया इसी पैटर्न का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि पुलिस की कार्रवाई बड़ी गाड़ियों पर लगातार बढ़ रही थी।
पुलिस के हाथ लगे कई चौंकाने वाले सुराग
अवैध फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान पुलिस को पता चला कि माफिया लड़कियों को आगे बैठाकर तस्करी करते हैं ताकि कार्रवाई करने वाली एजेंसियों को धोखा दिया जा सके। मोबाइल फोन में मिले डेटा के आधार पर पुलिस कई लोगों पर नजर बनाए हुए है और आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
पुलिस सतर्क, हाईवे और लोकल इलाकों में बढ़ी निगरानी
तस्करी के नए तरीकों को देखते हुए पुलिस ने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय हाईवे पर निगरानी बढ़ा दी है। छोटी कारों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। अवैध शराब के खिलाफ कड़ा अभियान जारी है और पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।


