Koderma : कोडरमा जिले में डिजिटल अरेस्ट का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त अधिकारी सुरेश प्रसाद गुप्ता और उनकी पत्नी से 51 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई। सुरेश गुप्ता ने इस संबंध में कोडरमा थाना में शिकायत दर्ज कराई।
सुरेश गुप्ता ने बताया कि ठगों ने उन्हें यह कहकर फंसाया कि उनके नाम से खुला नया बैंक खाता अवैध लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद उन्हें और उनकी पत्नी को दो दिनों तक ऑनलाइन हाउस अरेस्ट में रखा गया। इस दौरान फर्जी कोर्ट, अधिकारी और वकील दिखाकर डराया गया और 51 लाख रुपए मध्य प्रदेश के सेंधवा ब्रांच में ट्रांसफर करवा लिए गए।
1 दिसंबर की सुबह करीब 9:30 बजे, मोबाइल पर आयशा पटेल नामक महिला ने सुरेश गुप्ता को फोन किया। महिला ने बताया कि उनके आधार कार्ड से नया मोबाइल नंबर लिया गया है और कैनरा बैंक, दिल्ली में उनके नाम से एक खाता खोला गया है। इस खाते से अवैध लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग हुई है।
इसके बाद गुप्ता दंपती को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए फर्जी सीबीआई जज के सामने पेश किया गया। ठगों ने बैंक में जमा रकम, सोना और शेयर आदि की जानकारी मांगी। आदेश न मानने पर जेल भेजने और वारंट जारी करने की धमकी दी गई। ठगों ने सभी एफडी तोड़कर पैसे अपने खाते में जमा करने और विवरण भेजने को कहा।
सुरेश गुप्ता ने ठगों के निर्देशानुसार कुल 51 लाख रुपए (42 लाख + 9 लाख) आरटीजीएस के माध्यम से ‘पतिमो पीएम इस्टेट्स एलएलपी’ नामक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
कोडरमा थाना प्रभारी विकास पासवान ने बताया कि मामले में कांड संख्या 210/25 दर्ज की गई है और जांच जारी है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि इस प्रकार के किसी भी साइबर फ्रॉड कॉल से बचें और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत थाना को सूचित करें।
यह मामला डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के नए रूप की गंभीर चेतावनी देता है, जिसमें रिटायर बैंक अधिकारी तक ठगी का शिकार हुए हैं।



