Ranchi : झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष के अवसर पर युवाओं को बड़ा उपहार दिया। राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने 8,792 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें सबसे अधिक 8,291 सहायक आचार्य, और नक्सली मुठभेड़ अथवा अन्य कारणों से शहीद हुए पुलिसकर्मियों के 22 आश्रितों को भी नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की ‘अपनी सरकार’ का पहला वर्ष पूरा हो रहा है और यह अवसर राज्य के हजारों युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने युवाओं, परिवारों और पूरे राज्यवासियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने विरोध और बाधाओं के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया को तेज रखा।
सीएम हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर लगातार अड़चनें पैदा करने और युवाओं के भविष्य को रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न्यायालयी प्रक्रियाओं के माध्यम से भी नियुक्तियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन सरकार ने हर चुनौती को पार करते हुए युवाओं को रोजगार देने की अपनी प्रतिबद्धता निभाई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहायक आचार्य के नियुक्त अभ्यर्थियों में 40 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, जबकि जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा से चयनित अधिकारियों में 30 प्रतिशत महिलाएं हैं। इनमें कई महिलाओं ने “मइयां सम्मान योजना” से मिली सहायता राशि से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की।
उन्होंने बताया कि 10,000 लोगों को नियुक्ति पत्र मिलने से लगभग 50,000 लोगों के परिवार सीधे लाभान्वित होंगे। सीएम ने राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे में हुए विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने अब तक 80 उत्कृष्ट विद्यालय, 10 डिग्री कॉलेज, 8 नर्सिंग कॉलेज और 6-6 मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किए हैं।
नवनियुक्त पदाधिकारियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपील की कि वे जिस भी जिले में जाएं, वहां कम से कम एक युवा को प्रेरित कर अपने जैसा बनाने में सहयोग करें।
सरकार की उपलब्धियों को साझा करते हुए सीएम ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि अबुआ सरकार ने पिछले एक साल में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और रोजगार सृजन की दिशा में कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि झारखंड को विकसित राज्य बनाने की दिशा में सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।



