Ranchi : राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंडवासियों को 8,799 करोड़ की 1,087 योजनाओं का उपहार दिया। कार्यक्रम के दौरान 4,475 करोड़ की लागत से बनने वाली 209 नई योजनाओं का शिलान्यास किया गया। साथ ही 4,324 करोड़ की राशि से पूरी हो चुकी 878 योजनाओं का उद्घाटन भी हुआ। यह राज्य के विकास को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से इन योजनाओं का लोकार्पण किया।
उद्घाटन की गई प्रमुख योजनाओं में कोर कैपिटल धुर्वा में विधायक आवास प्रमुख है। इसके साथ ही देवघर और लोहरदगा के नए समाहरणालय भवनों का उद्घाटन भी किया गया। जगन्नाथपुर और पाकुड़ में डिग्री कॉलेज तथा गोड्डा में इंजीनियरिंग कॉलेज की शुरुआत से उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। राज्य में पर्यटन विकास के लिए नेचन, हरिणा और कनहरी हील में बायोडायवर्सिटी पार्क तैयार किए गए हैं। धनबाद के नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय और सिमडेगा के अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का उद्घाटन भी प्रमुख आकर्षण रहा।
खूंटी के तोरपा में 5000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम का शुभारंभ किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। इसके साथ ही भैरवा जलाशय योजना और कोनार सिंचाई परियोजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं। लोहरदगा, छत्तरपुर और गुमला में शहरी जलापूर्ति योजनाओं का उद्घाटन लोगों के लिए पेयजल सुविधा सुनिश्चित करेगा। मधुपुर, सिमडेगा और गिरिडीह में बार काउंसिल भवन का निर्माण भी राज्य की प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करेगा। इन योजनाओं से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
उद्घाटन की गई योजनाओं में पथ निर्माण विभाग की 64 योजनाएं 1,352 करोड़ की लागत से शामिल हैं। ग्रामीण कार्य विभाग की 297 योजनाएं 855 करोड़ में पूरी की गईं। भवन निर्माण, ऊर्जा, गृह एवं आपदा प्रबंधन, उच्च शिक्षा, जल संसाधन, पेयजल, वन एवं पर्यावरण सहित कई विभागों की परियोजनाएं भी उद्घाटन सूची में रहीं। इनसे बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार ने हर क्षेत्र में संतुलित विकास का लक्ष्य प्रदर्शित किया है।
शिलान्यास की गई योजनाओं में जल संसाधन विभाग की 24 योजनाएं सबसे बड़ी हैं, जिन पर 2,082 करोड़ खर्च होंगे। नगर विकास विभाग की 24 योजनाएं 887 करोड़ की लागत से और पथ निर्माण विभाग की 50 योजनाएं 784 करोड़ में धरातल पर उतरेंगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यावरण, भवन निर्माण तथा कृषि विभाग की कई नई परियोजनाएं भी इसमें शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास और श्रम विभाग की योजनाओं से सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर, ये 1,087 योजनाएं राज्य के विकास को नई दिशा देने का काम करेंगी।



