Hazaribagh : हजारीबाग के जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में बंद 55 वर्षीय कैदी खेमलाल महतो उर्फ खेलवा की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। खेमलाल बलात्कार के एक मामले में पिछले दो साल से सजा काट रहा था। उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SBMCH) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उसे दिल का दौरा पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना ने जेल प्रशासन की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेल अधीक्षक चंद्रशेखर सुमन के अनुसार खेमलाल कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था। जेल अस्पताल में उसे नियमित देखभाल दी जाती थी और चिकित्सकों की सलाह पर ही उसे एसबीएमसीएच रेफर किया गया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है। जेल प्रशासन ने दावा किया कि कैदी को समय-समय पर उचित चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई थी। इसके बावजूद अचानक स्थिति बिगड़ने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

कैदी की मौत के बाद परिजन जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। मृतक के दामाद टेकलाल महतो का कहना है कि तीन दिन पहले मुलाकात के दौरान खेमलाल की हालत बेहद खराब थी। वह बिना सहारे खड़ा भी नहीं हो पा रहा था और ठीक से बात भी नहीं कर पा रहा था। परिजनों का आरोप है कि इतनी गंभीर हालत के बावजूद समय पर बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया। उनका कहना है कि समय पर कदम उठाए जाते तो उसकी जान बच सकती थी।
खेमलाल के बेटे उमेश कुमार ने भी जेल प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उनके पिता कई हफ्तों से बीमार थे लेकिन जेल अस्पताल में उचित इलाज नहीं मिला। परिवार ने उपायुक्त और एसपी से मामले की जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि मेडिकल निगरानी और चिकित्सा सुविधा की कमी के कारण हालात बिगड़ते गए। वे दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घटना के बाद हारम गांव में भी आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि जेलों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद कमजोर हैं, जिसके कारण कैदियों की जान अक्सर जोखिम में रहती है। उन्होंने मांग की कि कैदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने घटना की रिपोर्ट तलब की है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और जल्द ही रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।



