Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने करीब 800 करोड़ रुपए के जीएसटी घोटाले के आरोपी शिवकुमार देवड़ा और मोहित देवड़ा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस एस.एन. प्रसाद की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद बुधवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है, जिसमें जमानत देना उचित नहीं होगा।
ईडी ने जमानत का विरोध किया
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत के समक्ष दलील दी कि आरोपी फर्जी कंपनियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर कर चोरी में शामिल थे। उनके खिलाफ ठोस सबूत मिले हैं। ईडी ने कहा कि इस तरह के वित्तीय अपराध देश की आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए आरोपियों को राहत नहीं दी जानी चाहिए।
शेल कंपनियों के जरिए किया गया बड़ा घोटाला
यह मामला शेल कंपनियों के नाम पर बनाई गई फर्जी जीएसटी एंट्री से जुड़ा है। आरोपियों पर 14,325 करोड़ रुपए के फर्जी चालान तैयार करने और उसके आधार पर 800 करोड़ रुपए के फर्जी जीएसटी क्रेडिट का दावा करने का आरोप है। इस धोखाधड़ी से केंद्र और राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ।
ईडी ने अब तक चार लोगों को किया गिरफ्तार
ईडी ने जांच के दौरान इस मामले में अब तक चार प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है — जिनमें शिवकुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा, जमशेदपुर के कारोबारी विक्की भलोटिया और कोलकाता के कारोबारी अमित गुप्ता शामिल हैं। इन सभी पर फर्जी बिलिंग के जरिए टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग करने का आरोप है।
विक्की भलोटिया पहले से जेल में बंद
इस मामले के आरोपी विक्की भलोटिया वर्तमान में बिरसा मुंडा जेल में बंद है। कुछ समय पहले उसका वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह जेल में शराब और जमीन घोटाले के आरोपियों के साथ डांस पार्टी करता दिखा था। हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराधों में कठोर रुख अपनाना जरूरी है ताकि वित्तीय अपराधों पर रोक लगाई जा सके।



