Ranchi : जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार झारखंड के आदिवासी युवाओं के लिए नई कौशल विकास योजना ला रही है। योजना के पहले चरण में 250 युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मल्टीमीडिया और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। कुल 10,000 युवाओं को इस योजना के तहत प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे।
राज्य के आदिवासी युवाओं को तकनीकी कौशल बढ़ाने के लिए यह योजना केंद्रीय जनजातीय विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की जा रही है। पहले बैच के लिए गुजरात और तमिलनाडु के शिक्षण संस्थानों से समझौता किया गया है। प्रशिक्षण में डिजिटल तकनीक, एआई और मल्टीमीडिया पर फोकस रहेगा। यह पहल आदिवासी युवाओं के लिए नई शिक्षा और रोजगार की राह खोलेगी।
बायोकेमिकल इंजीनियरिंग में प्रशिक्षु शोधार्थी सूरज लोहरा ने इस प्रशिक्षण को आदिवासी युवाओं के लिए आजीविका बढ़ाने वाला बताया है। आदिवासी कल्याण मंत्रालय के सहयोग से राज्य में योजना क्रियान्वित होगी। इससे युवाओं को नई तकनीकी जानकारी और व्यावसायिक कौशल प्राप्त होंगे।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए राज्य में रोजगार के अवसर बनाए जाएंगे। बैंकिंग, एजुकेशन और ट्रांसपोर्टिंग सेक्टर में एआई की बढ़ती मांग को देखते हुए नौकरियों की संभावना अधिक है। मोबाइल और गैजेट निर्माण कंपनियों में प्लेसमेंट की व्यवस्था भी की जाएगी।
साथ ही योजना के तहत प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंक से सहायता भी मिलेगी। इससे युवा न केवल नौकरी पाएंगे बल्कि अपने व्यवसाय को भी सफलतापूर्वक चला सकेंगे। इस पहल से झारखंड के आदिवासी युवाओं की तकनीकी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।



