Ranchi: झारखंड के बोकारो जिले के लुगु पहाड़ में इस वर्ष अप्रैल में हुई बड़ी मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी विवेक उर्फ प्रयाग मांझी समेत आठ माओवादियों को ढेर करने वाली पुलिस टीम को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक 2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को घोषित किया गया। इस टीम में दो आईजी, दो डीआईजी, एक एसपी, एक डिप्टी कमांडेंट, दो दारोगा और छह सिपाही शामिल हैं।

आईपीएस इंद्रजीत महथा।
यह मुठभेड़ 21 अप्रैल 2025 को हुई थी, जिसमें झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। मारे गए माओवादियों में नक्सल संगठन का शीर्ष कमांडर प्रयाग मांझी उर्फ विवेक उर्फ फुचना था, जो एक करोड़ का इनामी और माओवादी सेंट्रल कमेटी का सदस्य था। इसके अलावा नागो मांझी उर्फ करण उर्फ लेतरा, बिहार से तीन लाख का इनामी अरविंद यादव उर्फ अविनाश, दस लाख का इनामी साहेबराम मांझी, तथा सक्रिय माओवादी गंगाराम उर्फ पवन लंगड़ा, महेश, तालो दी, और रंजू मांझी उर्फ संथाली भी मारे गए थे।

आईपीएस सुरेंद्र कुमार झा।
इस अभियान को झारखंड में अब तक की सबसे सफल एंटी-नक्सल कार्रवाई माना जा रहा है। लुगु पहाड़ क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय माओवादी दस्ते को पूरी तरह खत्म करने में यह ऑपरेशन निर्णायक साबित हुआ। गृह मंत्रालय ने इस बहादुरी और रणनीतिक सफलता के लिए टीम को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया है।
इस वर्ष कुल 1364 जवानों और अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक दिया जा रहा है, जिनमें झारखंड के 14 अधिकारी और जवान शामिल हैं। इसके साथ ही 93 जांच अधिकारियों और 9 फोरेंसिक वैज्ञानिकों को भी यह सम्मान मिला है।

आईपीएस मनोज स्वर्गियारी।
आईजी अमोल वीनुकांत होमकर, आईजी डॉ. माइकल राज एस, डीआईजी इंद्रजीत महथा, डीआईजी सुरेंद्र कुमार झा, एसपी मनोज स्वर्गियारी, डिप्टी कमांडेंट मिथिलेश कुमार, दारोगा जितेंद्र कुमार, दारोगा मंटू कुमार, सिपाही दीनबंधु शेखर, पारस कुमार वर्मा, विकास कर्मकार, भागीरथ रजवार, शिवनंदन हांसदा और अजय मेहता।
इस सम्मान के बाद झारखंड पुलिस के मनोबल में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। राज्य पुलिस ने इसे “नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जीत” करार दिया है और कहा है कि आने वाले समय में भी इस तरह के अभियानों को और तेज किया जाएगा ताकि झारखंड को नक्सलमुक्त बनाया जा सके।



