Ghatshila (Jharkhand): आगामी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच सीधी टक्कर दिख रही है। एक ओर जहां झामुमो महिला मतदाताओं को साधने के लिए ऑल-वूमन प्रचार टीम लेकर मैदान में उतरी है, वहीं भाजपा अपने उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन के पक्ष में मिथुन चक्रवर्ती, शिवराज सिंह चौहान और शुवेंदु अधिकारी जैसे दिग्गज नेताओं को प्रचार की कमान सौंपने जा रही है।
झामुमो की महिला प्रचार टीम का नेतृत्व दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन की पत्नी सुरजमणि सोरेन कर रही हैं। उनके साथ लोकसभा सांसद जोबा मांझी, राज्यसभा सांसद महोआ मांझी, इचागढ़ विधायक सबीता महतो, पूर्व सांसद सुमन महतो, पूर्वी सिंहभूम की पार्षद बारी मुर्मू, और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बहन अंजलि सोरेन शामिल हैं। यह टीम भावनात्मक अपील के ज़रिए महिला वोटरों के बीच पहुंच बना रही है।
“राजनीति नई है, पर लोगों का भरोसा पुराना” – सुरजमणि सोरेन 58 वर्षीय सुरजमणि सोरेन ने एक जनसभा में कहा — “मुझे राजनीति की समझ नहीं है। यह मेरे लिए नया है। लेकिन मेरे पति रामदास सोरेन ने अपनी सेहत की परवाह किए बिना जनता की सेवा की। अब मैं अपने बेटे सोमेश चंद्र सोरेन को उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए आपके हवाले कर रही हूं। हमारा दरवाज़ा पहले भी खुला था और आगे भी खुला रहेगा।”
रामदास सोरेन का निधन 15 अगस्त 2025 को हुआ था। वे लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और इलाज के दौरान गिरने से ब्रेन हेमरेज हुआ था। उनके निधन के बाद घाटशिला सीट पर 11 नवंबर को उपचुनाव हो रहा है।
झामुमो को उम्मीद है कि सुरजमणि के भावनात्मक जुड़ाव और महिला नेताओं की भागीदारी से उन्हें महिला मतदाताओं का समर्थन मिलेगा। स्थानीय झामुमो नेता जगदीश भगत ने बताया कि “सुरजमणि बौदी पहले कभी राजनीति में सक्रिय नहीं रहीं, लेकिन इस बार उनके सरल और भावनात्मक संदेश ने महिलाओं के बीच गहरी पैठ बना ली है।” चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, घाटशिला में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से करीब 5% ज्यादा है — कुल 2,56,252 मतदाताओं में 1,31,180 महिलाएं और 1,25,078 पुरुष हैं।
दूसरी ओर भाजपा अपने उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन के लिए प्रचार अभियान को आक्रामक बनाने में जुटी है। पार्टी ने घोषणा की है कि प्रचार में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, टॉलीवुड अभिनेत्री लॉकेट चटर्जी, पश्चिम बंगाल के विपक्ष नेता शुवेंदु अधिकारी, और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी जैसे नेता भाग लेंगे।
भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि पार्टी के कई अन्य केंद्रीय मंत्री और राज्य नेता भी प्रचार में शामिल होंगे। उन्होंने कहा — “छठ पूजा के बाद नवंबर के पहले सप्ताह से हमारे स्टार प्रचारक रैलियों की शुरुआत करेंगे और राज्य सरकार की नाकामियों को जनता के सामने रखेंगे।”
भाजपा की रणनीति की कमान पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, पूर्व सीएम चंपई सोरेन, और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू जैसे नेताओं के पास है। दोनों दलों ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर दिया है। झामुमो जहां सहानुभूति और महिला सशक्तिकरण की थीम पर चुनाव लड़ रही है, वहीं भाजपा इसे “राज्य सरकार के खिलाफ जनादेश” के रूप में पेश कर रही है।



