Jamshedpur : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार पर पिछड़ा समाज के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछड़ों के कल्याण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए और चुनावी वादे पूरे नहीं किए। साहू ने इसे ‘ठगबंधन’ करार दिया।
साहू ने बताया कि 2024 के विधानसभा चुनाव में पिछड़ा समाज को 27 प्रतिशत आरक्षण का वादा किया गया था, लेकिन नगर निकाय चुनावों में मात्र 14 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य की लगभग 50 प्रतिशत आबादी वाले पिछड़े वर्ग की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार केवल वोट बैंक की राजनीति कर रही है। साहू ने कहा कि न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही पिछड़ों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हुई, अन्यथा पंचायत चुनाव बिना आरक्षण कराए ही संपन्न हो जाते।
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर भी हमला किया और कहा कि कांग्रेस ने हमेशा पिछड़े वर्ग की उपेक्षा की है। उन्होंने मंडल कमीशन की रिपोर्ट को लंबे समय तक लागू न करने और पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा न देने का उदाहरण दिया।
आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा और एनडीए सरकार हमेशा पिछड़े समाज के हित में रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का पिछड़ा वर्ग से जुड़ाव इसका प्रमाण बताया।
अंत में साहू ने कहा कि हेमंत सरकार ने झारखंड के हर वर्ग को धोखा दिया है। आदिवासी, दलित, पिछड़े, सवर्ण, युवा, महिलाएं, किसान और मजदूर, कोई भी इस सरकार से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने सरकार का जनविरोधी चेहरा बेनकाब करार दिया।



