Ranchi : झारखंड में जन वितरण प्रणाली (जविप्र) के माध्यम से गरीबों को दीपावली से पहले सस्ती चीनी देने की योजना अधर में लटक गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने चीनी की खरीद के लिए जारी टेंडर को रद्द कर दिया है, जिससे त्योहारी सीजन में लाखों राशन कार्डधारियों को राहत नहीं मिल पाएगी।
विभागीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने हाल के हफ्तों में कई बार घोषणा की थी कि दीपावली तक सभी कार्डधारियों को रियायती दर पर चीनी उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी न हो पाने और टेंडर रद्द होने के कारण अब यह योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।
जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों के अनुसार, करीब छह महीने पहले ही उनसे चीनी के एवज में अग्रिम राशि जमा कराई गई थी। इसके बावजूद अब तक आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। सामान्य उपभोक्ताओं को 27 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी मिलनी थी, जबकि दुकानदारों को एक रुपये प्रति किलो का कमीशन दिया जाना था।
दुकानदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील साहू ने बताया कि “विभाग ने पैसे ले लिए, लेकिन अब तक एक किलो चीनी नहीं आई। इससे उपभोक्ताओं के बीच नाराजगी है और दुकानदारों पर दबाव बढ़ रहा है।”
सरकारी दावे और वास्तविक स्थिति के बीच बड़ा अंतर
विभाग की इस नाकामी पर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि ज़मीन पर योजनाएं लागू नहीं हो पा रही हैं। इसके पहले होली के समय भी चीनी वितरण नहीं हो सका था।
चना दाल की आपूर्ति भी ठप
झारखंड सरकार द्वारा बीपीएल परिवारों को एक रुपये प्रति किलो की दर से चना दाल उपलब्ध कराने की योजना भी अटक गई है। विभागीय स्तर पर आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी, जिससे गरीबों को सस्ते प्रोटीन का स्रोत नहीं मिल पा रहा है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि टेंडर रद्द होने के बाद अब नई प्रक्रिया दीपावली के बाद शुरू की जा सकती है। यानी इस त्योहारी सीजन में गरीबों को चीनी और चना दाल दोनों ही नहीं मिल पाएंगे।



