Ranchi : झारखंड में 7 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) का अस्तित्व खतरे में आ गया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर इन दलों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड के कार्यालय द्वारा नोटिस जारी किया गया है। सभी दलों से कहा गया है कि वे 9 से 16 अक्टूबर के बीच दिन में 11 बजे अपना पक्ष रखें।
सीईओ झारखंड रवि कुमार ने बताया कि ये दल तीन वर्षों से न तो अपनी ऑडिट रिपोर्ट जमा कर रहे हैं और न ही चुनाव खर्च का ब्योरा दे रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने ऐसे 7 दलों को चिन्हित किया है। उनके आधार पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
रांची की 5 पार्टियों को नोटिस भेजा गया है। इनमें झारखंड की क्रांतिकारी पार्टी, झारखंड पार्टी (सेक्युलर), लोक जन विकास मोर्चा, राष्ट्रीय देशज पार्टी और राष्ट्रीय संगाइल पार्टी शामिल हैं। इसके अलावा, पूर्वी सिंहभूम की झारखंड पीपल्स पार्टी और चतरा की राष्ट्रीय जनक्रांति मोर्चा को भी नोटिस भेजा गया।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि दलों को शपथ पत्र और आवश्यक साक्ष्यों के साथ समय पर अपना पक्ष रखना होगा। यदि कोई दल जवाब नहीं देता है, तो उसके अस्तित्व को समाप्त मान लिया जाएगा। इसकी सूचना भारत निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय ने बताया कि इन दलों ने वित्तीय वर्षों 2021-22, 2022-23 और 2023-24 का वार्षिक अंकेक्षित खाता आयोग को नहीं भेजा है। यही कारण है कि इन दलों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
चुनाव आयोग का यह कदम राजनीतिक दलों की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। यदि दल समय पर जवाब नहीं देंगे, तो उनकी रजिस्ट्री रद्द हो सकती है और वे भविष्य में चुनाव लड़ने के योग्य नहीं रहेंगे।



