Chaibasa : झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह सारंडा जंगल को हसदेव जंगल की तरह अडानी समूह को सौंपने की साजिश रच रही है। उनका कहना है कि भाजपा आदिवासी और मूलवासी को खदेड़कर खनिज उत्खनन का रास्ता साफ करना चाहती है।
बुधराम लागुरी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ऐसी किसी भी योजना को होने नहीं देगी। सारंडा में वन्य प्राणी अभ्यारण्य (सेंचुरी) के संरक्षण के लिए सरकार ने मंत्री समूह का गठन किया है, जो जनसुनवाई और सर्वेक्षण के बाद रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत करेगा।
उन्होंने बताया कि मंत्री समूह ने छोटा नगड़ा में आम जनता से सीधा संवाद किया। इसके बाद 2 अक्टूबर को रोआम और 4 अक्टूबर को डिम्बुली में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इन बैठकों से मिली रिपोर्ट 8 अक्टूबर को उच्चतम न्यायालय में जमा की जाएगी।
झामुमो प्रवक्ता ने भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गीता कोड़ा के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि वे जनता को गुमराह कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की तरफ से दिए गए बयान पूरी तरह बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं।
लागुरी ने कहा कि अगर भाजपा वास्तव में आदिवासी–मूलवासी हितों के प्रति गंभीर होती, तो केंद्र सरकार से आवाज उठाती। उन्होंने साफ किया कि सारंडा को उजाड़ने और खनिज उत्खनन के लिए रास्ता साफ करने की कोशिश भाजपा कर रही है, न कि झामुमो।
झामुमो जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि सरकार सारंडा संरक्षण के साथ ही यहां के आदिवासी–मूलवासी के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और सांस्कृतिक हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि मंत्री समूह का उद्देश्य केवल अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत करना ही नहीं है, बल्कि सारंडा को सुरक्षित, संरक्षित और संवर्धित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करना भी है। यह कदम जंगल और उसके निवासियों के हितों की रक्षा में निर्णायक साबित होगा।



