Palamu: पलामू पुलिस ने नक्सल प्रभावित इलाकों में जागरूकता फैलाने के लिए अनोखा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस नक्सली कमांडरों के घर ढोल-नगाड़े बजाकर पहुंचेगी और ग्रामीणों को उनके आपराधिक कारनामों की जानकारी देगी।
पुलिस का मकसद ग्रामीणों को यह समझाना है कि नक्सली विकास के सबसे बड़े रोड़े हैं। इस दौरान बैनर, पोस्टर और विजुअल सामग्री से नक्सलियों की पहचान और उनकी वारदातों को सार्वजनिक किया जाएगा।
अभियान में कम से कम 10 बड़े नक्सली कमांडरों को टारगेट किया गया है। इनमें भाकपा-माओवादी के रीजनल कमांडर नितेश यादव, रविंद्र गंझू, मृत्युंजय भुइयां, मनोहर गंझू, संजय गोदराम, ठेगन मियां और टीएसपीसी का शशिकांत गंझू शामिल हैं।
इस अभियान की शुरुआत लातेहार के सदर थाना क्षेत्र से हो चुकी है। यहां पुलिस दल ढोल-नगाड़े के साथ जेएमएमपी कमांडर शिव सिंह और रामदेव लोहरा के घर पहुंचा और ग्रामीणों को उनकी हिंसक गतिविधियों व अवैध वसूली के बारे में बताया।
आईजी सुनील भास्कर ने कहा कि नक्सली हीरो नहीं, बल्कि समाज के सबसे बड़े दुश्मन हैं। उन्होंने बताया कि पलामू, गढ़वा और लातेहार के एसपी को इस अभियान की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही नक्सलियों की संपत्ति की जांच और कानूनी कार्रवाई भी जारी है।
पुलिस लगातार नक्सलियों से अपील कर रही है कि वे हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटें। सरेंडर करने वालों को सरकार की पुनर्वास योजनाओं और अन्य लाभकारी योजनाओं का फायदा दिलाया जाएगा।



