Khunti: रनिया थाना क्षेत्र के उड़ीकेल पंचायत अंतर्गत खेरखई गांव में बुधवार को बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। विभाग की टीम ने गांव में छापेमारी कर दर्जनभर से अधिक ग्रामीणों के खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज कराया है। 
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को तोरपा के एसडीओ (बिजली) अपनी टीम के साथ खेरखई गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कई घरों में जांच की। टीम ने पाया कि अनेक घरों में बिना मीटर लगाए ही सीधे तार जोड़कर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। इसे गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों ने संबंधित घर मालिकों के खिलाफ बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए स्थानीय रनिया थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी।
इस कार्रवाई में तुरतन तोपनो, महेश महतो, सावन लोहरा, छोटू लोहरा, शिवचरण साहू, लालू महतो सहित दर्जनभर ग्रामीणों पर मामला दर्ज किया गया है।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
बिजली विभाग की इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना है कि अब तक गांव के किसी भी घर में बिजली विभाग ने मीटर उपलब्ध नहीं कराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से बिना मीटर के ही पूरे गांव में बिजली सप्लाई दी जाती रही है। ऐसे में विभाग द्वारा मीटर उपलब्ध कराए बिना ही सीधे उपभोक्ताओं पर चोरी का मामला दर्ज करना नाइंसाफी है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा अब गांव वालों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि खेरखई गांव के उपभोक्ताओं को दो प्रकार के बिजली बिल भेजे जाते हैं—एक सामान्य उपभोक्ता (जनरल) का और दूसरा बीपीएल उपभोक्ता का। एक ही उपभोक्ता को दो-दो बिल भेजे जाने से गांव के लोग पहले से ही परेशान थे। अब अचानक बिना चेतावनी कार्रवाई कर देना उन्हें और मुश्किल में डाल रहा है।
विभाग की भूमिका पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को पहले सभी घरों में बिजली मीटर उपलब्ध कराना चाहिए था। अगर मीटर लगाने के बाद भी कोई व्यक्ति अवैध रूप से डायरेक्ट बिजली का उपयोग करता, तो उसपर कार्रवाई उचित होती। लेकिन बिना मीटर दिए ही सीधे चोरी का आरोप लगाना पूरी तरह गलत है।
कार्रवाई के बाद हलचल
बिजली चोरी का मामला दर्ज होने के बाद गांव के लोग बड़ी संख्या में तोरपा स्थित बिजली कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वे न्याय की लड़ाई लड़ेंगे और विभाग से स्पष्ट जवाब चाहेंगे कि आखिर बिना मीटर दिए उपभोक्ताओं पर चोरी का मामला क्यों दर्ज किया गया।



