Khunti: खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड मुख्यालय से महज कुछ कदमों की दूरी पर लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मनोरंजन पार्क बंद पड़ा हुआ है। करीब एक साल से पार्क में ताला लटका हुआ है, जिससे ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पार्क बनने से स्थानीय लोगों में उत्साह था, लेकिन लगातार बंद रहने से अब यह जिला परिषद के लिए सवालों का विषय बन गया है।
उत्साह से मायूसी तक
स्थानीय लोगों के मुताबिक पार्क के निर्माण के समय बच्चों, छात्रों और ग्रामीणों के लिए यह बड़ी सौगात माना जा रहा था। लोगों को उम्मीद थी कि यहां आकर बच्चे खेल-खूद सकेंगे, पेड़-पौधे और फूलों की सुंदरता का आनंद ले सकेंगे। लेकिन पार्क का संचालन ठीक ढंग से न हो पाने के कारण आज यह बेकार साबित हो रहाहै।
निविदा प्रक्रिया और संचालन की समस्या
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पार्क के संचालन के लिए निविदा जारी की गई थी। नियमों के तहत एजेंसी को जिम्मेदारी भी दी गई और उसने शुरुआती दिनों में पार्क खोला। लेकिन कुछ समय बाद एजेंसी ने “लाभ नहीं होने” का हवाला देकर इसे बंद कर दिया।
माना जा रहा है कि विभाग द्वारा निर्धारित प्रवेश शुल्क के हिसाब से पार्क में कार्यरत एजेंसी के मजदूर तक का खर्च नहीं निकल पा रहा था। जिसके लिए उन्हें प्रति व्यक्ति टिकट दर बढ़ाकर 10 रुपये करना पड़ता तभी कुछ संभव था लेकिन टिकट दर बढ़ाने से लोग पार्क नहीं आते इसलिए एजेंसी द्वारा पार्क को बंद रखना हीं सही समझा गया।
उपकरण और सुविधा
ग्रामीणों ने बताया कि पार्क में छोटे बच्चों के लिये ओपन जिम लगवाया गया है इसके साथ हीं कई अच्छे फूलों के पौधे भी लगाये गये हैं जो आकर्षण केंद्र है लेकिन पार्क के बंद रहने से सब बेकार हो गया है।
उप प्रमुख ने उठाए सवाल
मुरहू प्रखंड क्षेत्र के उप प्रमुख अरुण साबू ने मामले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा,“लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बना यह पार्क अब तक ग्रामीणों के किसी काम का नहीं साबित हो रहा। एजेंसी ने एक साल तक संचालन किया और फिर इसे बंद कर दिया। अब तक लगभग एक वर्ष से यह पूरी तरह से बंद पड़ा है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस बंद पड़े पार्क में ही हाल ही में लगभग चार लाख रुपये की लागत से हाइमास्क लाइट भी लगाई गई है, जिसका कोई औचित्य नहीं दिखता। 
ग्राम सभा को सौंपने की मांग
उप प्रमुख अरुण साबू ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पार्क के रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी ग्राम सभा को दी जाए। उनके अनुसार “अगर उचित दर पर ग्राम सभा को संचालन सौंप दिया जाए तो ग्रामीण इसका लाभ ले सकेंगे और पार्क बनने का उद्देश्य भी पूरा होगा।”
अधिकारियों से नहीं हो पाया संपर्क
इस मामले पर जब द झार न्यूज की टीम ने जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया से संपर्क करने का प्रयास किया दूरभाष के माध्यम से भी बात करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो सकी। वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त भी लगातार छुट्टी पर रहने के कारण कार्यालय में उपलब्ध नहीं हो पाए।
ग्रामीणों की उम्मीदें
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों खर्च करने के बाद भी पार्क का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा। उनका स्पष्ट कहना है कि अगर समय रहते इसका समाधान नहीं किया गया तो यह पार्क सिर्फ एक बेकार का ढांचा बनकर रह जाएगा।



