Khunti: खूंटी आर सी चर्च प्रांगण में संत मोनिका का पर्व बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य प्रार्थना सभा का नेतृत्व बिशप बिनय कंडुलना डी.डी. ने किया। पर्व के अवसर पर उन्होंने अपने संदेश में “विनम्रता” के महत्व पर प्रकाश डाला।
बिशप ने कहा कि “विनम्रता का अर्थ यह नहीं है कि हम चुपचाप सब कुछ सहते रहें। बल्कि विनम्रता सचाई पर आधारित जीवन जीने का नाम है। सचाई को पहचानना, सचाई को जीवन में उतारना और सचाई के लिए खड़े होना ही सच्ची विनम्रता है।”

उन्होंने आगे कहा कि संत मोनिका इसका सुंदर उदाहरण हैं। वे प्रार्थना और धैर्य के द्वारा अपने भटके हुए पति और पुत्र के जीवन को बदलने में सफल रहीं। “उन्होंने गलत रास्ते पर भटके मन को ईश्वर से जोड़कर सचाई के मार्ग पर लाया। यही विनम्रता का वास्तविक अर्थ है जो हमें नीती और जीवन की सच्चाई के साथ जोड़ता है।”
बिशप ने यह भी कहा कि बिना सचाई के इंसान केवल अपनी भलाई और नाम कमाने की चिंता करता है, जबकि सच्ची विनम्रता हमें शैतान से स्वर्गदूत बना देती है। इसके विपरीत घमंड अच्छे लोगों को भी गलत दिशा में ले जाकर शैतान बना देता है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। लगभग तीन हजार लोगों ने पर्व में भाग लिया। सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चला यह आयोजन प्रार्थना, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक प्रवचनों से भरपूर रहा।
समारोह में फा. बिसु, फा. अमृत, फा. महेंद्र, फा. जॉर्ज, फा. स्वर्ण, फा. अनुप, फा. निकोलस, फा. बेनेदिकत, फा. सुमन, फा. बिमल सहित अनेक पुरोहितों की उपस्थिति रही। इसके अलावा सेंट अन्ना और उर्सुलाइन कॉन्ग्रेगेशन की सभी धर्मबहनों की सक्रिय भागीदारी भी रही।
आस्था और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण यह पर्व संत मोनिका के जीवन और शिक्षाओं को याद दिलाता रहा, जिनकी प्रार्थना और धैर्य ने ईसाई समाज को विनम्रता और सच्चाई का मार्ग दिखाया।



