Khunti: स्टेट हाईवे जो खूंटी से सिमडेगा जिले को जोड़ती है, जिस मार्ग पर खूंटी के पेलोल में बनई नदी पर बने पुल जो बीते 19 जून को टूट गया है और अबतक उसे लेकर राजनीतिक पार्टीयों के लोग और जनप्रतिनिधि सिर्फ राजनीतिक कर अपना पल्ला झाड़ते दिख रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर संबंधित विभाग आजतक लगातार लीपापोती कर आम जनता को ठग रहा है।
खैर उस बात को अगर छोड़ दें तो पुल के टूटने के बाद खूंटी से तोरपा होते हुए सिमडेगा की ओर जाने वाले सभी बड़ी और छोटी वाहनों के लिये कुंजला मोड से निकलकर जुरदाग होते हुए अंगराबारी जाकर स्टेट हाईवे तक जाने का एक बढ़िया वैकल्पिक मार्ग बना है। हालांकि यह एक ग्रामीण सड़क है जो भारी वाहनों के आवागमन के उद्देश्य से डिजाइन नहीं किया जाता है बावजूद उसके इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवाजाही हो रहा है जिसके चलते ग्रामीणों को अपने निजी कार्य, खेती बाड़ी, स्कूल और हॉस्पिटल आनेजाने वाले को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और अब सड़क के दोनो किनारे गढ्ढे भी हो होते जा रहे है जिससे हादसा होने की संभावना बढ़ गई है।
वर्तमान समय के लिये अभी यह खूंटी को तोरपा होते हुए सिमडेगा से जोड़ने वाली मुख्य सड़क है लेकिन इसी सड़क पर बीती रात एक पेड़ गिर गया है जिससे एक तरफ से अगर गाड़ियां पार हो रही होती है तो दूसरे तरफ के वाहन चालकों को पार होने के लिये इंतजार करना पड़ता है और इसी प्रकार से दोनो ओर से आनेजाने वाले वाहनों को इंतजार कर सड़क पार करना पड़ रहा है।
यह सिलसिला बीती रात से हीं चल रहा है, लेकिन उस पेड़ को हटाने के लिये कोई नहीं है, वहीं अगर हादसा हो जाए तो फिर देखिये वहां घड़ियाली आंसू बहाने वालों की कमी नहीं रहेगी लेकिन हादसा न हो इसका उपाय कोई नहीं करना चाहते हैं। अब देखना है कि पेड़ हटाया जाता है या हादसा होने पर घड़ियाली आंसू बहाया जाएगा।



