गुमला: बसिया के जाने माने पत्रकार संजय बड़ाइक का आज सुबह करीब 10:15 बजे निधन हो गया।संजय बड़ाईक कई वर्षों से बीमारी से पीड़ित थे।जिनका पिछले कई महीनों से मुंबई के अस्पताल में ईलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही संजय बड़ाइक का निधन हो गया उनके निधन पर पुरे क्षेत्र में शोक कि लहर दौड़ गई। स्वर्गीय संजय बड़ाईक बहुत ही हँसमुख और शौकीन के साथ ही मददग़ार मिजाज के थे ।
पत्रकारिता जगत में हिंदुस्तान अखबार के लिए 20 वर्षों तक सेवा दिया था संजय बड़ाईक समाजिक संगठनों में सदैव अगुवा रहते थे । इन्होंने इंटर डिस्टिक स्तर पर न्यूज़ मोगर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के रूप में पत्रकारों को सगठित करने का ग्रामीण स्तर पर सतत प्रयास किया था । हमेशा इनकी मुस्कुराहट पहचान थी ।
जो अब प्राकृतिक फिजा में घुलमिल कर उनकी बातें यादों में सिमट गई है । क्रोना जैसी महामारी को मात देने वाला योद्धा आज प्राकृतिक जीवन के जन्म मत्यु में जूझ कर हार गया । लेकिन हमारे बीच रहने वाला उस संजय की दूरगामी नेत्रों की सोच को देखते रहगें । चूंकि कभी कभी कहते थे यह संजय की आँखे है हम सब देख लेते है ।ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दे । जीवन मृत्यु संसार की अटल सत्य है।
बसिया से शशिकांत की रिपोर्ट।



