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खूंटी के बिरसा कॉलेज से जुड़ी है जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक का मामला।

रांची : जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक का मामला खूंटी के बिरसा कॉलेज से भी जुड़ा हुआ है दरअसल जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक का मामला बड़ी तेजी से उठ रहा था। मामला कोर्ट पहुंचा जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर एक एसआईटी गठित कर पेपर लीक मामले से जुड़ी जांच के लिए भेजी गई। वहीं एसआईटी द्वारा विभिन्न पहलुओं पर जांच की गई जांच में पाया गया कि पेपर लीक का मामला लगभग लगभग सही है।

 

एसआईटी टीम की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि पेपर तैयार करने की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी सतवत इंफोसोल के जिम्मे था और उसे कंपनी के क्लाइंट रिलेशनशिप मैनेजर तन्मय कुमार दास की देखरेख में पूरा काम किया जा रहा था। परीक्षा के लिए चेन्नई और रांची के शिक्षकों ने प्रश्न पत्र तैयार किया था। हालांकि स्थानीय भाषा पंचपरगणिया का प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए रांची के विमेंस कॉलेज की सहायक प्रोफेसर सविता कुमारी मुंडा को जिम्मेदारी दिया गया था। सविता कुमारी मुंडा ने पांच परगनिया भाषा में प्रश्न पत्र तैयार भी किया लेकिन उसके इस काम में उनके पति एंथोनी मुंडा ने उनका सहयोग किया था,जहां की एंथोनी मुंडा खुद जेएसएससी सीजीएल एग्जाम के लिए अभ्यर्थी थे और वह एग्जाम में बैठे थे इस तरह से यह बताया जा रहा है कि पेपर लीक का मामला यहां से भी जुड़ा हुआ होगा यानी आप यह कह सकते कि यहां से भी पेपर लीक हुआ होगा।

 

वहीं नागपुरी भाषा में जब प्रश्न पत्र तैयार करवाने की बारी आई तो नागपुरी भाषा में प्रश्न पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी खूंटी के बिरसा कॉलेज में अनुबंध पर सहायक प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत अंजुलता कुमार को जिम्मेदारी दी गई थी। अंजुलता कुमार ने नागपुरी भाषा में प्रश्न पत्र तैयार किया था। नागपुरी भाषा में प्रश्न पत्र तैयार करने वाले अंजुलता कुमार ने एसआईटी को बताया कि नवंबर 2023 में सीजीएल परीक्षा के लिए तीन सेट में नागपुरी के 100 प्रश्न तैयार किए थे। उन्हें प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए उक्त कंपनी के मैनेजर द्वारा कहा गया था इन्होंने फोन पर ही सिलेबस भेज कर प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए कहा था। जिसके बाद प्रोफेसर अंजुलता कुमार ने अपने अंदाज में प्रश्न पत्र तैयार कर कंपनी को नॉर्मल तरीके से भेज दिया इस कंपनी एक साधारण पेपर की तरह प्रश्नपत्र भेज दिया उस समय न किसी प्रकार का कोई लिफाफा को बंद किया गया था और ना ही कोई सुरक्षा व्यवस्था था। तो इस प्रकार से यहां से भी क्वेश्चन पेपर लीक होने की संभावना जताई जा रही है।

 

इसके साथ ही एसआईटी ने यह भी बताया है कि पेपर छपाई कर जहां से लाया गया था उस दौरान रास्ते में किसी प्रकार का कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं था हालांकि गाड़ी पेपर लेकर रांची के ट्रेजरी ऑफिस तक पहुंचे जहां ट्रेजरी ऑफिस में पेपर रखवाने के समय कई मजदूर और अधिकारी को लगाया गया था जिसके पास स्मार्टफोन था वही ट्रेजरी के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था जबकि जहां पेपर अंदर में रखवाया जा रहा था वहां किसी प्रकार का कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं था कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था और वहां काम कर रहे सभी व्यक्ति के पास स्मार्टफोन था इस तरह से वहां से भी पेपर लीक होने की संभावना है जताई जा रही है।

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