Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) 2026 रविवार को पूरे राज्य में शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। लगभग 1.75 लाख अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया, जिसके लिए राज्यभर में कुल 434 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग और देवघर सहित छह जिलों में परीक्षा आयोजित की गई।
परीक्षा एक ही पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित हुई। निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मिलकर व्यापक इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, जबकि संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त बल भी लगाया गया।
विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई थी। इसके तहत पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, हथियार लेकर चलने और किसी भी प्रकार की सभा या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रही। प्रशासन की सख्ती के कारण केंद्रों के आसपास शांत और नियंत्रित माहौल बना रहा।
इस बार परीक्षा में आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया गया। परीक्षार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए IRIS अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना को कम किया जा सके। इसके अलावा कई परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई और कुछ स्थानों पर लाइव मॉनिटरिंग भी की गई। प्रवेश के दौरान सघन जांच के साथ मोबाइल, स्मार्ट वॉच जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पूरे दिन परीक्षा व्यवस्था की निगरानी की। उपायुक्तों और अपर जिला दंडाधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन की सतर्कता और समन्वय के चलते परीक्षा पूरी तरह व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों ने भी व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि समय पर प्रवेश, स्पष्ट दिशा-निर्देश और सख्त लेकिन सहयोगपूर्ण व्यवस्था के कारण उन्हें परीक्षा देने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। कई छात्रों ने यह भी कहा कि बेहतर प्रबंधन के कारण वे बिना तनाव के परीक्षा दे सके।
हालांकि, कुछ अभ्यर्थियों ने सेंटर आवंटन को लेकर असंतोष जताया। उनका कहना था कि पर्याप्त केंद्र होने के बावजूद उन्हें दूर-दराज के इलाकों में केंद्र दिए गए, जिससे आवागमन में कठिनाई हुई। इसके बावजूद कुल मिलाकर परीक्षा का आयोजन सफल और सुव्यवस्थित रहा। प्रशासन ने भी भविष्य में इसी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी व्यवस्था जारी रखने की बात कही है।


