Breaking News

न घर, न पेंशन… सिर्फ इंतजार: प्रशासन की अनदेखी का शिकार बुजुर्ग दंपति, महुआ-करंज चुनकर गुजर रही जिंदगी

Khunti: खूंटी जिला के मुरहू प्रखंड अंतर्गत दिगड़ी पंचायत के कुदाहातु गांव में एक बुजुर्ग दंपति की दयनीय स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। लगभग 70 वर्षीय बुर्जुग गंदुरा मुंडा अपनी पत्नी चंबारी हंस के साथ बेहद कठिन हालात में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।

बताया जाता है कि गंदुरा मुंडा का एकमात्र कच्चा मकान भी बीते बरसात में पूरी तरह ध्वस्त हो गया। घर ढह जाने के बाद से दोनों बुजुर्ग उसी मलबे के बीच किसी तरह आश्रय लेने को विवश हैं। उन्होंने टूटे हुए घर के ऊपर फटे प्लास्टिक और कपड़ों के टुकड़े बांधकर अस्थायी झोपड़ी बना ली है, जो न तो सुरक्षित है और न ही मौसम की मार से बचाने में सक्षम।

गंदुरा मुंडा का कहना है कि उन्होंने अपने घर के ध्वस्त होने की सूचना पंचायत के मुखिया और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को कई बार दी, लेकिन अब तक उन्हें किसी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं मिल पाई है। मदद के इंतजार में समय बीतता जा रहा है, जबकि उनकी स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है।

इतना ही नहीं, उम्र के इस पड़ाव पर भी यह दंपति सरकारी योजनाओं से वंचित है। दोनों की उम्र 60 वर्ष से अधिक होने के बावजूद उन्हें वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। आर्थिक तंगी के बीच वे छोटी-मोटी खेती और जंगल से मिलने वाले वनोपज—जैसे महुआ, करंज आदि—इकट्ठा कर बाजार में बेचते हैं और उसी से रोजमर्रा का खर्च चलाते हैं।

गंदुरा मुंडा और चंबारी हंस की आंखों में आज भी उम्मीद बाकी है—उम्मीद कि कोई उनकी पीड़ा समझेगा, कोई उनकी सुध लेगा। लेकिन फिलहाल हकीकत यही है कि वे टूटी झोपड़ी में, तिरपाल और चीथड़ों के सहारे, सरकारी उपेक्षा के बीच जिंदगी काट रहे हैं।

यह मामला प्रशासन के लिए एक कड़ा सवाल है—क्या योजनाएं सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रहेंगी, या फिर इन तकलीफों से जूझ रहे लोगों तक भी पहुंचेगी?

Share Article:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विज्ञापन

SWARAJ

त्योहार के मौकेपर धमाकेदार ऑफर

संपर्क करें:- खूंटी- 8210983506 तोरपा - 6203436010

Recent Posts

Tags

Edit Template

About

Print & Digital PR News Release Ranchi,

Recent Post