Khunti: खूंटी जिला के मुरहू प्रखंड अंतर्गत दिगड़ी पंचायत का कूदाहातु गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। लगभग 60 से 65 घरों और ढाई सौ से अधिक आबादी वाला यह आदिवासी बहुल गांव घने जंगलों के बीच बसा है, जहां विकास की किरण अब तक पूरी तरह नहीं पहुंच सकी है।
गांव में सड़क, पेयजल, आवास योजना, सामुदायिक भवन, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। सबसे गंभीर समस्या सड़क की है। गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण लोगों को कच्चे और जर्जर रास्तों पर ही आवागमन करना पड़ता है। 
स्थिति इतनी बदतर है कि जब कोई ग्रामीण बीमार पड़ता है या किसी महिला को प्रसव पीड़ा होती है, तो उसे किसी तरह कंधे या अस्थायी साधनों के सहारे कच्ची सड़क से होते हुए इलाज के लिए करीब 15 किलोमीटर दूर खूंटी ले जाया जाता है। यह स्थिति खासकर बरसात के दिनों में उत्पन्न होता है जब पगडंडी वाले कच्ची सड़कों में कीचड़ भर जाता है।
गर्मी के दिनों में किसी तरह बाइक और ऑटो गांव तक पहुंचता है लेकिन बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है क्योंकि यह पगडंडी वाला कच्ची सड़क है। रास्ते की दुर्गमता के कारण कई बार मरीजों की हालत और भी गंभीर हो जाती है, वहीं एंबुलेंस सेवा गांव तक नहीं पहुंच पाती है।
हालांकि गांव में बिजली पहुंच चुकी है और जन वितरण प्रणाली के तहत राशन भी मिल रहा है, लेकिन पेयजल की समुचित व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को मध्याह्न भोजन के बाद हाथ-मुंह और बर्तन धोने के लिए लगभग 500 मीटर दूर तालाब या कुएं तक जाना पड़ता है, जहां दुर्घटना का खतरा बना रहता है। 
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार अपनी समस्याओं को सरकारी अधिकारियों के समक्ष रखा, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। लगातार उपेक्षा से निराश ग्रामीण अब हालात से समझौता कर पुराने ढर्रे पर जीवन जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कूदाहातु गांव में जल्द से जल्द सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि यहां के लोग भी सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।



