Giridihi : गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड अंतर्गत अटका पूर्वी पंचायत के लक्षीबागी गांव में एक भीषण आगजनी की घटना ने किसानों को गहरा झटका दिया है। एक छोटी सी चिंगारी ने पल भर में करीब 5 एकड़ में लहलहा रही गन्ने की फसल को जलाकर राख कर दिया, जिससे लगभग 20 किसानों की सालभर की मेहनत पूरी तरह बर्बाद हो गई।
इस घटना में किसानों को करीब 15 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि गन्ने की फसल पूरी तरह तैयार थी और कटाई के लिए लगभग तैयार खड़ी थी। ऐसे समय में लगी आग ने न केवल फसल को नष्ट कर दिया, बल्कि किसानों की आर्थिक उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया।
आग लगने के कारणों का अब तक कोई स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। किसानों के अनुसार, अचानक खेतों में आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया। सूखी खरपतवार के कारण आग तेजी से फैली और पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया।
किसानों का कहना है कि जली हुई गन्ने की फसल अब किसी भी काम की नहीं रह गई है। इससे उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लक्षीबागी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है और यहां से आसपास के जिलों में इसकी सप्लाई होती है। साथ ही नेशनल हाईवे किनारे गन्ने के जूस की बिक्री भी कई परिवारों की आय का प्रमुख स्रोत है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। पंचायत समिति सदस्य टेक नारायण साव, रंजीत मेहता, पूर्व सदस्य गोबिंद सिंह और भाकपा माले नेता बिहारी लाल मेहता ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर स्थिति का आकलन किया।
किसानों ने प्रशासन से आपदा राहत के तहत मुआवजे की मांग की है। इस संबंध में प्रवीण कुमार को सूचना दी गई है और उचित कार्रवाई की अपील की गई है। वहीं, पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह को भी मामले से अवगत कराया गया है।
पूर्व विधायक ने किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है और सरकारी स्तर पर मुआवजा दिलाने की दिशा में पहल करने की बात कही है। फिलहाल, इस घटना के बाद पूरे इलाके में मायूसी का माहौल है और किसान सरकार से त्वरित सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं।


