Ranchi : झारखंड की राजधानी Ranchi में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस और कुख्यात अपराधी सत्यम पाठक के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ पंडरा इलाके में जमीन कारोबारी की हत्या मामले की जांच के दौरान हुई, जिसमें पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान हालात अचानक बिगड़ गए और दोनों तरफ से गोलीबारी होने लगी।
पुलिस के अनुसार सत्यम पाठक, जो जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की हत्या में मुख्य आरोपी है, को हथियार बरामदगी के लिए कांके डैम इलाके में ले जाया गया था। पूछताछ के दौरान उसने बताया था कि उसने वहां दो हथियार छिपा रखे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम बुधवार सुबह उसे लेकर मौके पर पहुंची, लेकिन वहां पहुंचते ही घटनाक्रम ने नाटकीय मोड़ ले लिया।
बताया जा रहा है कि मौके पर पहुंचने के बाद सत्यम पाठक ने अचानक एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश करने लगा। इस दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग भी शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले में एक पुलिस जवान गोली लगने से घायल हो गया, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई और पुलिस को तत्काल जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
रांची के एसएसपी Rakesh Ranjan ने जानकारी देते हुए बताया कि अपराधी के भागने और पुलिस पर हमला करने के कारण आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई। इस कार्रवाई में सत्यम पाठक के दोनों पैरों में गोली लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। उसके हाथ में भी चोट आई है। घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी पुलिस हिरासत में भी किस तरह से मौके का फायदा उठाकर फरार होने की कोशिश करते हैं। हालांकि पुलिस की तत्परता और सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और आरोपी को दोबारा काबू में कर लिया गया।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि सत्यम पाठक का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। वह केवल जमीन कारोबारी की हत्या में ही नहीं, बल्कि कई अन्य गंभीर मामलों में भी शामिल रहा है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि सत्यम पाठक धुर्वा के पूर्व पार्षद और भाजपा नेता Ved Prakash Singh की हत्या में भी शामिल था। 7 जुलाई 2024 को धुर्वा बस स्टैंड के पास हुई इस सनसनीखेज वारदात में बाइक सवार अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, जिसमें वेद प्रकाश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए All India Institute of Medical Sciences Delhi ले जाया गया था, जहां करीब एक महीने तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 3 अगस्त 2024 को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में सत्यम पाठक की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस के लिए यह केस और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सत्यम पाठक के साथ और कौन-कौन लोग इस आपराधिक नेटवर्क में शामिल हैं। इस मुठभेड़ के बाद रांची पुलिस की सक्रियता और बढ़ गई है और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को भी सख्त कर दिया गया है।


